ग्वालियर शहर में सड़कों की स्थिति को सुधारने के लिए नगर निगम ने लंबे समय से अभियान चला रखा है। निगम के हालिया सर्वे के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में 93 सड़कें बेहद खराब स्थिति में पाई गई थीं, जिनकी पहचान कर उनके निर्माण के लिए टेंडर जारी किए गए थे।

निर्माण कार्यों और सर्वे के आंकड़े

निगम के दावों के अनुसार चिन्हित की गई खराब सड़कों में से 51 से अधिक का निर्माण कार्य पूरा कराया जा चुका है। इसके अलावा वर्तमान समय में 21 अन्य सड़कों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि, मौजूदा मानसूनी बारिश के चलते डामर और अन्य सड़कों का निर्माण कार्य फिलहाल रोकना पड़ा है।

सर्वे में सामने आया था कि इनमें से अधिकांश जर्जर सड़कें ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं, जिनमें से ज्यादातर का निर्माण कार्य अब किया जा चुका है। लगातार मॉनिटरिंग के बाद भी 13 सड़कें ऐसी हैं जिनके लिए निगम द्वारा वर्क आर्डर तो जारी किए जा चुके हैं, लेकिन संबंधित ठेकेदारों ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है। इसके अलावा 6 सड़कें ऐसी भी हैं जिनके आदेश अभी तक जारी नहीं हो पाए हैं।

झांसी रोड और केआरएच मार्ग पर धंसी सड़कें

बारिश के इस मौसम में शहर की कई सड़कों के धंसने के मामले भी सामने आए हैं। नाका चंद्रबदनी से झांसी रोड पुलिस थाने के बीच स्थित मुख्य मार्ग बुधवार को अचानक धंस गया और वहां सुरंगनुमा बड़ा गड्ढा बन गया। बस स्टैंड के सामने हुई इस घटना में एक कार गड्ढे में जा फंसी, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी को भी चोट नहीं आई। घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम ने तुरंत यातायात रुकवाकर मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया और दोपहर तक ट्रैफिक को दोबारा सुचारू किया गया। अधिकारियों के अनुसार इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा किया जा रहा है।

इसी तरह बुधवार को न्यूरोलॉजी विभाग से केआरएच जाने वाला मार्ग भी धंस गया। बीच रास्ते में बड़ा गड्ढा हो जाने के कारण अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए वहां से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना तुरंत मौके पर पहुंचे और वर्कशॉप प्रभारी अतर सिंह को आवश्यक निर्देश दिए, जिसके बाद अस्पताल की टीम ने मौके पर पहुंचकर उस गड्ढे को भरवाया।