ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र स्थित जयगुरुदेव आश्रम के पास हाईवे पर रायपुर से आए कुछ बदमाशों ने एक ट्रक को रोककर जमकर उत्पात मचाया। आरोपियों ने वाहन में तोड़फोड़ करने के बाद चालक और उसके भतीजे के साथ मारपीट की। यह पूरी घटना रायपुर में हुई एक पुरानी रंजिश का परिणाम बताई जा रही है।
रायपुर में चोरी की कोशिश से शुरू हुआ था विवाद
राजस्थान के धौलपुर जिले के मनिया क्षेत्र के जयेरा गांव निवासी मेहताब सिंह गुर्जर अपने भतीजे धर्मवीर सिंह के साथ ट्रक लेकर चलते हैं। बीते 12 अक्टूबर की रात वे रायपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में रुके हुए थे। इसी दौरान गणेश और प्रह्लाद नामक युवकों ने ट्रक से चोरी का प्रयास किया। जब मेहताब ने इसका विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था।
हालांकि अगले दिन ट्रक मालिक राजीव शर्मा के दखल से दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया था, लेकिन चालक ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया था। समझौते के बावजूद आरोपियों के मन में रंजिश बनी रही और उन्होंने इसका बदला लेने की योजना बनाई।
मंडला से लेकर ग्वालियर तक जारी रहा पीछा
पीड़ित के अनुसार, 14 अक्टूबर को वे रायपुर से ट्रक लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। रास्ते में मंडला के पास उन्हें वही संदिग्ध युवक हाईवे के किनारे खड़े दिखाई दिए, लेकिन उन्होंने ट्रक नहीं रोका। इसके बावजूद आरोपियों ने कार और बुलेट बाइक से उनका करीब 850 किलोमीटर तक लगातार पीछा किया।
बीती 15 अक्टूबर की रात लगभग दो बजे ग्वालियर के सिरोल थाना इलाके में बदमाशों ने अपनी गाड़ियां ट्रक के आगे अड़ा दीं और उसे जबरन रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए ट्रक के शीशे तोड़ डाले और चालक को खींचकर नीचे गिरा दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी
बदमाशों ने मेहताब और बीच-बचाव करने आए उसके भतीजे धर्मवीर को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। जाते-जाते आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए।
सिरोल थाना प्रभारी कमर किशोर यादव ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों द्वारा उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!