इंटरनेट पर सर्च किया था वोल्टास का नंबर

ग्वालियर शहर के थाटीपुर थाना अंतर्गत एम ब्लॉक शासकीय क्वार्टर में रहने वाली 50 वर्षीय सुगंति भगत पत्नी कोमलराम भगत के घर पर लगे एसी से 24 जुलाई की शाम पानी टपकने की समस्या सामने आई थी और उसकी कूलिंग भी कम हो गई थी। उन्होंने इसी सीजन में वोल्टास कंपनी का नया एयर कंडीशनर खरीदा था।

एसी की सर्विस कराने के लिए महिला ने इंटरनेट पर वोल्टास का कस्टमर केयर नंबर ढूंढा और एक नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि जल्द ही उनके घर पर सर्विस इंजीनियर पहुंच जाएगा।

व्हाट्सएप पर भेजी गई फर्जी एपीके फाइल

थोड़ी देर बाद महिला के पास एक अन्य नंबर से फोन आया। कॉलर ने कहा कि तकनीशियन को भेजने से पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी और एडवांस पेमेंट देना होगा। इसके लिए उसने व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल का लिंक भेजा।

महिला ने अनजाने में उस फाइल को ओपन कर लिया, जिसके बाद उनके फोन में एक मालवेयर एप्लीकेशन डाउनलोड हो गया। इस खतरनाक एप के जरिए शातिर ठगों को महिला के मोबाइल फोन का पूरा रिमोट एक्सेस मिल गया।

छह दिन बाद बैंक खाते से ट्रांसफर हुई रकम

फाइल डाउनलोड होने के कुछ दिनों बाद, यानी 30 जुलाई को महिला के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 81,700 रुपये निकलकर किसी अज्ञात बैंक खाते में चले गए। मोबाइल पर जैसे ही बैंक से पैसे कटने का संदेश आया, पीड़िता के होश उड़ गए।

ठगी की बात समझ आते ही महिला ने बिना देर किए बैंक पहुंचकर अपना खाता ब्लॉक कराया। इसके बाद उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इस घटना की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।

थाटीपुर थाने में दर्ज हुई ई-जीरो एफआईआर

साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर मंगलवार, 15 सितंबर को थाटीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के विरुद्ध धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है।

थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एक महिला के साथ कस्टमर केयर के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर ऑनलाइन ठगी की गई है। मामला दर्ज कर लिया गया है और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी बारीकी से जांच की जा रही है।