ग्वालियर शहर के मुरार थाना इलाके में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी कंपनी में नौकरी करने वाले कर्मचारी को सड़क किनारे वेंडर से दंत मंजन खरीदना काफी महंगा पड़ गया। डिजिटल पेमेंट करने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से संदिग्ध तरीके से हजारों रुपए निकल गए।

क्यूआर कोड स्कैन करते ही शुरू हुए मैसेज

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आर्मी स्कूल के पास स्थित बाल गोपाल कॉलोनी निवासी शाह हबीब शाह ने 8 अगस्त को दोपहर करीब ढाई बजे सड़क किनारे बैठे एक विक्रेता से दंत मंजन खरीदा था। पेमेंट के लिए उन्होंने अपने फोन-पे ऐप का इस्तेमाल किया था। जैसे ही उन्होंने भुगतान किया, उसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर बैंक खातों में पैसे आने और कटने के लगातार मैसेज आने लगे।

खाते में आए 46 हजार और निकल गए 80 हजार

पीड़ित ने बताया कि मंजन खरीदने के थोड़ी देर बाद सेन नाम के व्यक्ति के जरिए उनके खाते में तीन अलग-अलग बार में कुल 46 हजार रुपए जमा हुए। इसके तुरंत बाद उनके खाते से मोहम्मद आमिर के खाते में 50 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। इसके बाद बरुण कुमार के नाम से 6 हजार रुपए आए और फिर कल्पना देवी के खाते में 24 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह कुल 80 हजार रुपए की हेराफेरी हो गई।

बैंक स्टेटमेंट में माइनस बैलेंस देखकर उड़े होश

अचानक हुए इन संदिग्ध लेन-देन को देखकर पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। जब उन्होंने बैंक जाकर अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया और कस्टमर केयर से बात की, तो पता चला कि उनका खाता माइनस बैलेंस में चला गया है और खाता होल्ड पर डाल दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट यानी अवैध ट्रांजैक्शन के जरिए के रूप में किया। घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत अपना बैंक खाता बंद करवाया। वहीं मुरार थाना पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।