ग्वालियर-चंबल अंचल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध तरीके से पासपोर्ट तैयार कराने वाले संगठित नेटवर्क के खिलाफ राज्य स्तर पर बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) भोपाल की टीम ने एक और अहम सफलता हासिल करते हुए इस प्रकरण के छठे आरोपी को धर दबोचा है।

गिरफ्तार आरोपी की हुई शिनाख्त

जांच एजेंसियों के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान गया प्रसाद गौतम पुत्र कच्ची राम के रूप में हुई है, जो कि भितरवार के चीनौर क्षेत्र स्थित बनवार का रहने वाला है। एसटीएफ इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से छानबीन कर रहा है ताकि इसमें संलिप्त अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

डबरा के सभी मामलों में था अकेला गवाह

पुलिस अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी गया प्रसाद बिना किसी पूर्व जान-पहचान या रिश्ते के पासपोर्ट बनवाने आए संदिग्धों के पतों का झूठा सत्यापन करता था। खास बात यह है कि ग्वालियर के डबरा क्षेत्र से जितने भी पासपोर्ट तैयार हुए थे, उन सभी 17 मामलों में यह इकलौता गवाह था जो फर्जीवाड़ा को बल दे रहा था।

एसटीएफ के खुलासे के अनुसार, आरोपी ने साल 2019 में बौद्ध धर्म की दीक्षा ग्रहण की थी और इसके बाद वर्ष 2021-22 के दौरान वह डबरा स्थित अम्बेडकर पार्क, सिमरिया टेकड़ी पर भंते के रूप में रहने लगा था।

एक ही पते का हुआ था बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

स्थानीय होने के नाते उसने साल 2022 में बौद्ध भिक्षु से जुड़ा एक कार्यक्रम रखा था, जहां उसकी मुलाकात मैत्तानंद भिक्षु उर्फ रेयाल चौधरी भिक्षु से हुई। उसी के कहने पर आरोपी ने कई बांग्लादेशियों के फर्जी निवास प्रमाण पत्रों की तस्दीक की। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, उन सभी के आवेदन पत्रों में निवास का एक ही पता 'सिमरिया टेकड़ी, डबरा, जिला ग्वालियर' दर्ज किया गया था।

एसटीएफ भोपाल की ओर से इस प्रकरण में अपराध क्रमांक 09/2026 पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 120-बी के साथ-साथ पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12, विदेशी विषयक अधिनियम की धारा 14 और भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 17 के तहत कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।