ग्वालियर में एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक 70 वर्षीय व्यक्ति को लाखों का चूना लगाया गया है। सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती और निवेश के झूठे वादों के जाल में फंसकर पीड़ित ने करोड़ों रुपये गंवा दिए।
निवेश सलाहकार बनकर ठगों ने साधा संपर्क
राज्य साइबर सेल को दी गई शिकायत के अनुसार, रोशनी घर रोड निवासी अशोक विजयवर्गीय (70) से दिसंबर 2025 में एक महिला ने 'दिव्या' नाम से संपर्क किया। महिला ने खुद को एक निवेश सलाहकार बताया और USDT (यूएस डॉलर टेथर) क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में भारतीय मोबाइल नंबर से बात हुई, लेकिन बाद में ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों और एक विदेशी नंबर के जरिए संपर्क बनाए रखा।
ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर पंजीकरण कराया और निवेश शुरू करने को कहा। उन्होंने शुरुआत में कुछ छोटी रकम पर अच्छा रिटर्न दिखाकर अशोक विजयवर्गीय का विश्वास जीता। 7 जनवरी को, उन्होंने 1.88 लाख रुपये का मुनाफा पीड़ित के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिया, जिससे पीड़ित को लगा कि उसका निवेश सुरक्षित है।
करोड़ों के निवेश के बाद ठगी का एहसास
भरोसा जीतने के बाद, पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में लगातार करोड़ों रुपये का निवेश किया। फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर उनका मुनाफा लगातार बढ़ता हुआ दिखाया गया, जो अंततः 33.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जब पीड़ित ने यह बड़ी रकम निकालने की कोशिश की, तो भुगतान रोक दिया गया।
ठगों ने रकम निकालने के लिए पहले 10.84 करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में मांगे। बाद में उन्होंने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए कहा कि वे अपनी ओर से 5.34 करोड़ रुपये जमा कर देंगे और बाकी पीड़ित जमा कर दे। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। अंत में, 'रिस्क मार्जिन' के नाम पर 1 करोड़ रुपये और मांगे गए, तभी अशोक विजयवर्गीय को इस साइबर धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
जांच में सामने आए 20 बैंक खाते
पीड़ित ने साइबर सेल को अपनी शिकायत के साथ व्हाट्सएप चैट, बैंक लेनदेन के स्क्रीनशॉट और 20 से अधिक बैंक खातों का पूरा विवरण सौंपा है। इन खातों में फेडरल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक और यस बैंक सहित कई बैंकों के खाते शामिल हैं, जिनमें अलग-अलग समय पर रकम ट्रांसफर कराई गई थी। पुलिस अब तीन व्हाट्सएप नंबरों और फर्जी पोर्टल की जांच कर रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!