ग्वालियर नगर निगम की विशेष बैठक मंगलवार को एक बार फिर हंगामे के कारण स्थगित कर दी गई। यह लगातार ग्यारहवीं बार है जब इस विशेष सम्मेलन में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका। एजेंडे में शामिल 16 महत्वपूर्ण बिंदुओं में से पिछले छह महीने से चर्चा केवल 11वें बिंदु पर ही अटकी हुई है, जिससे शहर के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है।

गतिरोध का मुख्य कारण

यह विशेष सम्मेलन 5 जनवरी 2026 को 16 बिंदुओं के साथ शुरू हुआ था। भाजपा पार्षद जहां शहर की सफाई व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा चाहते हैं, वहीं कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि पहले पुराने लंबित मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए। इस राजनीतिक खींचतान और अधूरी जानकारियों के कारण कई बैठकों को स्थगित करना पड़ा है।

विपक्ष के नेता हरिपाल ने सीवर व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में भी इंदौर जैसी अप्रिय घटना घट सकती है, क्योंकि कई इलाकों में लोगों के घरों में सीवर का पानी घुस रहा है। हरिपाल ने बताया कि इसी गंभीर समस्या पर चर्चा के लिए विशेष सम्मेलन बुलाने की आवश्यकता पड़ी थी, जिस पर कांग्रेस पार्षदों ने भी हस्ताक्षर किए थे।

एमआईसी सदस्यों की राय

दूसरी ओर, एमआईसी (महापौर परिषद) के सदस्यों का मानना है कि ये विशेष सम्मेलन अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने के उद्देश्य से बुलाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इन बैठकों में मूल और गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय अन्य विषयों पर समय बर्बाद किया जा रहा है।

अगली बैठक की तैयारी

नगर निगम अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन आवश्यकता पड़ने पर ही बुलाए जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ बिंदुओं पर चर्चा पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ हंगामे या आवश्यक जानकारी के अभाव में स्थगित करने पड़े हैं। अब इस विशेष सम्मेलन की अगली बैठक 27 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।