पांच दिन के भीतर बकाया राशि जमा करने के निर्देश
ग्वालियर में गोले का मंदिर क्षेत्र के पास स्थित पंद्रह एकड़ में बने थीम पार्क के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी की लापरवाही सामने आई है। स्मार्ट सिटी के साथ हुए अनुबंध के मुताबिक कंपनी को तय वित्तीय राशि समय पर जमा करानी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस संबंध में मुख्य वित्तीय अधिकारी की ओर से संबंधित कंपनी को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।
लाखों रुपए का प्रीमियम और जीएसटी बकाया
प्रैग्मैटिक इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के खाते में कुल 43.13 लाख रुपए जमा कराने हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को हर साल 35 लाख रुपए न्यूनतम गारंटी प्रीमियम के तौर पर देने का प्रावधान है। फर्म की तरफ से इसमें से केवल 11,66,667 रुपए ही जमा किए गए थे। समायोजन प्रक्रिया के बाद प्रीमियम के 25,11,299 रुपए और उस पर लगने वाले जीएसटी के 4,52,034 रुपए यानी कुल 29,63,333 रुपए का बकाया निकल रहा है। इसके साथ ही 13.50 लाख रुपए की अतिरिक्त प्रीमियम गारंटी भी अभी तक अदा नहीं की गई है।
बीस साल के अनुबंध पर दिया गया है पार्क
स्थानीय स्तर पर मनोरंजन और विज्ञान आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट सिटी ने लगभग 8.25 करोड़ रुपए की लागत से इस थीम पार्क का निर्माण कराया है। पार्क के संचालन और रख-रखाव का जिम्मा एक निजी कंपनी को 20 वर्षों के लिए सौंपा गया है। समझौते के तहत इस परिसर में पांच हजार वर्ग मीटर का क्षेत्र मैरिज गार्डन के लिए भी आवंटित किया गया है, जहां पार्किंग और फूड कियोस्क जैसी सुविधाएं संचालित की जानी हैं। अनुबंध की शर्तों के अनुसार दो साल बाद इस तय राशि में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी भी होनी है।
स्मार्ट सिटी प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी के बाद यदि निर्धारित पांच दिन की समयावधि में ब्याज सहित पूरा भुगतान नहीं किया जाता है, तो अनुबंध की धाराओं के अंतर्गत आगे की वैधानिक और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!