ग्वालियर शहर में गत मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को भड़की खूनी गैंगवार में मारे गए छोटू राजावत के मामले में पुलिस और प्रशासन की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। हत्या की घटना को 36 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका है।
शारीरिक जांच में नहीं मिल रहीं दो गोलियां
अधिकारियों के अनुसार, मृतक छोटू को कुल चार गोलियां मारी गई थीं। डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन के दौरान दो गोलियां तो बाहर निकाल लीं, परंतु शेष दो गोलियां अब तक उसके शरीर के भीतर ही फंसी हुई हैं। बुधवार दोपहर से लेकर देर रात तक चिकित्सकों ने उन्हें तलाशने का बहुत प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
परिणामस्वरूप पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद परिजनों को अभी और इंतजार करना पड़ रहा है। मृतक के चाचा धीरज सिंह ने बताया कि घर पर अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, मगर पोस्टमार्टम न होने के कारण शव नहीं मिल पा रहा है।
सड़क पर घूरे गए थे शूटर, पहले से रची गई थी साजिश
आरंभिक पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह हमला पूरी योजना के तहत किया गया था। हमलावरों ने घटना को अंजाम देने के लिए विशेष तौर पर शूटर तैनात किए थे। शातिर बदमाशों ने वारदात के बाद ऐसे रास्तों का चुनाव किया जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, जिसे पुलिस जांच को भटकाने की सुनियोजित कोशिश मान रही है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें मुरैना, आगरा, धौलपुर और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इस मामले में कुछ संदिग्ध मददगारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि मुख्य आरोपी अभी तक कानून की गिरफ्त से दूर हैं।
चलती बाइक से खींचकर मारी थीं गोलियां
घटनाक्रम के मुताबिक मंगलवार की रात लगभग बारह बजे छोटू अपने साथियों टिल्लू, हेमसिंह, नीतेश और गोलू के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर सिरोल की तरफ से आ रहा था। मेला रोड स्थित एलएनआईपीई संस्थान के पास रेलवे ओवरब्रिज पर पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोक ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर, दीनू और हेमू नामक हमलावरों ने छोटू की कॉलर पकड़कर उसे नीचे गिराया और उसके सीने व सिर पर ताबड़तोड़ चार गोलियां दाग दीं। इस हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई और आरोपी हथियार लहराते हुए भाग निकले।
भोला सिकरवार हत्याकांड से जुड़े हैं तार
स्थानीय पुलिस इस पूरी वारदात को करीब एक साल पहले घटित हुए शराब तस्कर भोला सिकरवार हत्याकांड के बदले की कार्रवाई मानकर चल रही है। इसके साथ ही पुरानी तमाम रंजिशों और अन्य कड़ियों को भी गहराई से खंगाला जा रहा है।
मृतक के चाचा धीरज सिंह ने जानकारी दी कि छोटू एक पुराने हत्याकांड में गवाह था, जिसके कारण उसकी दुश्मनी चल रही थी। वह घटना से मात्र दो दिन पूर्व ही ग्वालियर लौटा था। परिजनों ने छोटू की मां की सुरक्षा की पुरजोर मांग उठाई है और आरोप लगाया है कि कुछ लोग उनकी मां के वीडियो बनाकर आरोपियों को भेज रहे हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!