अंचल के सबसे बड़े शहर ग्वालियर में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात शहर के विभिन्न थानों में साइबर धोखाधड़ी के कुल नौ प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल है। पीड़ित लगातार थानों और साइबर सेल के चक्कर काट रहे हैं।

एचडीएफसी सिक्योरिटी में निवेश का झांसा देकर 31 लाख की ठगी

ठगी का सबसे बड़ा मामला बहोड़ापुर थाना क्षेत्र का है। विनय नगर सेक्टर-4 के रहने वाले 44 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी अभिषेक श्रीवास्तव को साइबर जालसाजों ने अपना निशाना बनाया। उनके पास एक अनजान व्हाट्सएप नंबर से कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने खुद को एचडीएफसी सिक्योरिटी का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने उन्हें शेयरों में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया।

शुरुआती दौर में विश्वास जीतने के लिए ठगों ने अभिषेक को एक्सिस बैंक के खाते से 1 लाख रुपए निवेश कराए, जिस पर उन्हें शुरुआत में अच्छा रिटर्न भी मिला। इस झांसे में आकर पीड़ित ने पिछले तीन महीनों के दौरान कुल 30 लाख 82 हजार रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने 28 सितंबर को अपनी पूरी रकम निकालनी चाही, तो ट्रा मुमकिन नहीं हुआ और आरोपियों ने उनके फोन नंबर ब्लॉक कर दिए।

होटल बुकिंग और मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड से निकाले रुपए

इसके अलावा अन्य वारदातों में भी ठगों ने आमजन को लूटा। बहोड़ापुर स्थित साक्षी हाइट्स निवासी कौस्तुभ शर्मा ने 20 सितंबर को इंटरनेट से होटल बुकिंग के लिए एक नंबर निकाला था। फर्जी होटल प्रबंधक ने बुकिंग के नाम पर उनसे 16 हजार रुपए ऐंठ लिए। जब पीड़ित होटल पहुंचे, तो पता चला कि उनके नाम पर कोई बुकिंग हुई ही नहीं थी।

एक अन्य मामले में थाटीपुर के मयूर नगर निवासी 52 वर्षीय संदीप मिठास का मोबाइल 30 सितंबर को अचानक इंटरनेट चलाते समय हैंग हो गया था। कुछ समय बाद जब फोन ठीक हुआ, तो शाम को उनके क्रेडिट कार्ड से 3 लाख 16 हजार रुपए कटने का संदेश प्राप्त हुआ।

पुलिस ने शुरू की मामलों की गहन छानबीन

साइबर हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर ग्वालियर पुलिस ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल इन वारदातों को अंजाम देने के लिए किया गया था। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन न करें।