ग्वालियर जिला प्रशासन ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व कार्यों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर रुचिका चौहान की सख्त नाराजगी के बाद, जिले के विभिन्न अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) ने कुल 19 पटवारियों को निलंबित कर दिया है।
किन कारणों से हुई कार्रवाई
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मुख्य रूप से चार प्रमुख मामलों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर की गई है। इनमें फार्मर रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना के तहत ई-केवाईसी (e-KYC) के कार्य में अत्यधिक सुस्ती बरतना मुख्य वजह रही है।
इसके अलावा, सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाली जनशिकायतों के समय पर समाधान न होने और राजस्व न्यायालयों से जुड़े प्रकरणों में तय समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट पेश न करने के मामलों को भी बहुत गंभीरता से लिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया कि ये मैदानी कर्मचारी उच्च स्तर से मिल रहे निर्देशों की लगातार अवहेलना कर रहे थे। शासकीय कार्यों में इस तरह की टालमटोल की प्रवृत्ति और जनता से जुड़ी प्राथमिकताओं की अनदेखी के चलते जिला प्रशासन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
कलेक्टर की दो टूक चेतावनी
जनहित और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी राजस्व कर्मचारी समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें।
संबंधित एसडीएम कार्यालयों द्वारा सभी 19 निलंबित पटवारियों के खिलाफ निलंबन आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से जिले के राजस्व अमले और मैदानी कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!