ग्वालियर की सब्जी मंडी में दिनदहाड़े व्यापारी के गल्ले से रुपयों से भरा बैग चुराने वाले एक शातिर बाल अपचारी की तलाश में जुटी जनकगंज पुलिस को राजगढ़ में बड़ी सफलता हाथ लगी है। हालांकि मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहने में कामयाब रहा, लेकिन पुलिस खाली हाथ नहीं लौटी और उसके ठिकाने से चोरी की अधिकांश रकम बरामद कर ली गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला था राज
गोलपहाड़िया निवासी फरियादी दिनेश चौरसिया गत 2 अक्टूबर को अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी उनका बैग गायब हो गया था जिसमें करीब 2.50 लाख रुपये और आधार कार्ड रखा था। जनकगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो एक संदिग्ध लड़का बैग चुराता हुआ दिखाई दिया। मुखबिर की सूचना पर यह स्पष्ट हुआ कि यह वारदात राजगढ़ के कुख्यात कड़िया सांसी इलाके के एक नाबालिग ने की है।
सांसी गांव में दबिश, पर चकमा देकर भागा आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर धर्मवीर सिंह के दिशा-निर्देशों के बाद, जनकगंज थाने की एक टीम ने स्थानीय बोड़ा थाना पुलिस के साथ मिलकर कड़िया सांसी गांव में दबिश दी। पुलिस के आने की भनक लगते ही शातिर नाबालिग वहां से भाग निकला। हालांकि, जब पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली तो फरियादी का चोरी गया बैग, आधार कार्ड और उसमें से 1 लाख 86 हजार रुपये नगद बरामद हो गए।
बचपन से दी जाती है अपराध की ट्रेनिंग
कार्रवाई के दौरान पुलिस को स्थानीय स्तर पर विरोध का भी सामना करना पड़ा, जो इस कड़िया-सांसी गिरोह की कार्यशैली का हिस्सा माना जाता है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस गैंग में बच्चों को बचपन से ही चोरी और नकदी पार करने की ट्रेनिंग दी जाती है। शादियों और बाजारों में वारदातों को अंजाम देने के लिए इन्हें तैयार किया जाता है।
इस पूरे घटनाक्रम पर एएसपी जयराज कुबेर ने जानकारी दी कि 2 अक्टूबर को लक्ष्मीगंज मंडी से व्यापारी के गल्ले से बैग चोरी करने वाले लड़के के स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज मिले थे। वह राजगढ़ के कड़िया सांसी गिरोह का सदस्य है, जिसे पकड़ने के लिए टीम भेजी गई थी। भले ही वह अभी फरार है, लेकिन चोरी की गई राशि में से 1.86 लाख रुपये, बैग और आधार कार्ड बरामद कर लिया गया है तथा उसकी तलाश लगातार जारी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!