ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नाबालिग छात्र को उसके ही रिश्तेदार ने ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का शिकार बनाया।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित छात्र ने करीब एक साल पहले अपने रिश्ते के एक अन्य नाबालिग से 1500 रुपये उधार लिए थे। इस छोटी सी रकम पर आरोपी ने 50 प्रतिशत मासिक ब्याज लगा दिया, जिससे कुछ ही महीनों में यह राशि हजारों में पहुंच गई और छात्र कर्ज के गहरे जाल में फंस गया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब किराना व्यापारी कमल किशोर गुप्ता, जो मीरा नगर के निवासी हैं, अपनी बेटी की नौकरी के सिलसिले में इंदौर से लौटे। 29 जून को वे इंदौर गए थे और 2 जुलाई को वापस आए। घर और दुकान की जांच करने पर उन्हें अपनी तिजोरी और दुकान के लॉकर से लगभग 10 तोला सोने के आभूषण गायब मिले, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। इन आभूषणों में दो हार, दो चेन, चूड़ियां, झुमकी और अन्य जेवर शामिल थे।

पिता द्वारा पूछताछ करने पर उनके 17 वर्षीय 12वीं के छात्र बेटे ने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि कैसे रिश्ते के भाई ने अपने दोस्त कपिल के माध्यम से उसे पैसे दिए और फिर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

वीडियो बनाकर दी जाती थी धमकी

छात्र ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने पैसे देते समय उसका एक वीडियो बना लिया था। इसी वीडियो का सहारा लेकर वह उसे लगातार धमकाता रहा कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो उसे चोरी के आरोप में जेल भिजवा देगा और उसकी निजी बातों को परिवार के सामने उजागर कर देगा। इस डर के कारण छात्र एक साल तक आरोपी के दबाव में रहा।

ब्लैकमेलिंग से डरा हुआ छात्र आरोपी के कहने पर घर की अलमारी और दुकान के लॉकर से थोड़ा-थोड़ा करके सोने के गहने निकालकर उसे देता रहा। व्यापारी पिता का आरोप है कि इस पूरे षड्यंत्र में आरोपी का एक साथी भी शामिल था, जो फोन पर उनके बेटे को धमकाता था। दबाव इतना बढ़ गया था कि छात्र ने दुकान के गल्ले की पेटी का ताला भी तुड़वा दिया और वहां रखे दो सोने के हार, दो चेन, झुमकी, बाले और चार चूड़ियां आरोपियों को सौंप दिए।

मंगलवार को व्यापारी पिता ने मुरार थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।