ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के समीप हुए अत्यंत दर्दनाक हादसे ने पूरे अंचल को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में कुल 15 लोगों की जान चली गई है, जबकि 42 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से जिला अस्पताल से लेकर मॉर्चुरी तक मातम पसरा हुआ है और परिजन अपने बिछड़े हुए अपनों को ढूंढने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इलाज में देरी और पुलिस व्यवस्था पर फूटा गुस्सा
हादसे का शिकार हुए 18 वर्षीय युवक गौरव को खोने वाली उसकी मां किरण का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका बेटा उस वक्त सांसें ले रहा था और वे उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि एंबुलेंस को भी वहां से हटने के लिए मजबूर किया गया, जिसके कारण सही समय पर उपचार नहीं मिल सका।
जहां से पैदल निकलना भी मुश्किल होता है और साइकिल तक नहीं जा सकती, उस प्रतिबंधित मार्ग तक आखिरकार भारी ट्रक कैसे पहुंच गया?
मन्नत से पाए दोनों बेटे एक ही झटके में छीने
इस हादसे ने कई परिवारों को ताउम्र का गम दे दिया है।मुरैना जिले के जौरा स्थित हार गांगोली गांव के रहने वाले विद्याराम त्यागी का परिवार ग्वालियर के गदाईपुरा में निवास करता है। रिश्तेदार राकेश त्यागी ने जानकारी दी कि विद्याराम ने 12 वर्षों तक विभिन्न मंदिरों की परिक्रमा की थी, जिसके बाद उनके घर अमन (15) और लव (13) का जन्म हुआ था। शनिवार की रात विद्याराम के छोटे भाई अशोक और रामसनेही त्यागी इन दोनों बच्चों को लेकर मंदिर गए थे, जहां इस त्रासदी ने दोनों सगे भाइयों की जिंदगी निगल ली।
अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग
हादसे में 23 वर्षीय पवन राठौर की भी मौत हो गई, जिनका शव पाकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर, घायल निकेश के परिजन संदीप ने बताया कि उन्हें सुबह करीब पांच बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर निकेश गंभीर रूप से घायल मिला, जिसके दोनों पैर टूट चुके हैं और उसे फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा दिव्यांश कुशवाह के परिजन भी घंटों अस्पताल और मॉर्चुरी के चक्कर काटते नजर आए।
शवगृह के बाहर जुटे स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने पुलिस तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ తీవ్ర आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का मुख्य सवाल यही है कि जिस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी थी, वहां तक ट्रक कैसे जा पहुंचा। फिलहाल प्रशासन स्थिति को संभालने और घायलों के उपचार पर ध्यान केंद्रित किए हुए है, जबकि पीड़ित न्याय की मांग कर रहे हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!