ग्वालियर जिले के चीनौर-शीतला माता रोड पर शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे एक भयंकर सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे अंचल को झकझोर कर रख दिया। अष्टमी की रात माता के दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच एक अनियंत्रित ट्रक कहर बनकर टूटा।

ओवरलोड ट्रक ने कुचले श्रद्धालु

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद धान से भरे दो ओवरलोड ट्रक नो-एंट्री क्षेत्र में करीब 7 किलोमीटर अंदर तक चले आए। संकरे रास्ते और मंदिर के पास की तीव्र ढलान पर पहुंचते ही एक ट्रक का नियंत्रण छूट गया और वह नीचे की तरफ तेजी से लुढ़कने लगा।

इस दर्दनाक हादसे की चपेट में आने से कुल 57 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 15 लोगों की मौके पर या अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मौत हो गई। मृतकों में 9 पुरुष, एक महिला और 5 किशोर शामिल हैं, जबकि 42 घायलों का इलाज जारी है।

गूगल मैप और नशे ने बरपाया कहर

जांच में सामने आया है कि ट्रक चालकों को स्थानीय मार्गों की कोई जानकारी नहीं थी और वे भितरवार से पंजाब जाने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहे थे। मैप के गलत निर्देश के कारण वे हाईवे के बजाय अंदरूनी संकरे रास्तों पर आ गए।

अमरोल गांव के पास ग्रामीणों ने जब ड्राइवरों को रोका और आगे रास्ता बंद होने की बात कही, तो चालकों ने मैप का हवाला दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, उस समय दोनों ड्राइवरों ने शराब पी रखी थी और उनके मुंह से तेज बदबू आ रही थी।

चेतावनी को किया नजरअंदाज

ग्रामीणों ने लगातार शोर मचाकर और हाथ देकर ट्रकों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन नशे में धुत चालकों ने किसी की चेतावनी नहीं सुनी और वाहन आगे बढ़ाते चले गए। रास्ते में पुलिस के चेकिंग पॉइंट होने के बावजूद वाहनों का मंदिर तक पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।