अंचल में ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां झूठे मुकदमे के डर से एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना ग्वालियर जिले के चीनौर थाना क्षेत्र की है, जहां आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर एक पीड़ित ने जहर का सेवन कर लिया था।

दंपती ने कई सालों तक बनाया निशाना

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, चीनौर की पवैया वाली गली में रहने वाले 40 वर्षीय गिर्राज गिरि गोस्वामी को स्थानीय निवासी चंदू उर्फ चन्द्रभान सोनी और उसकी पत्नी वंदना सोनी लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोप है कि यह दंपती पिछले 4-5 साल से गिर्राज को किसी झूठे दुष्कर्म मामले में फंसाकर जेल भेजने का भय दिखा रहा था और इसी धौंस के बल पर अब तक उससे करीब 14 लाख रुपए वसूल चुका था।

पांच लाख की अतिरिक्त मांग और आत्महत्या

मृतक के परिजनों ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि आरोपियों की मांग पूरी करने के चक्कर में गिर्राज ने कई लोगों से भारी कर्ज ले लिया था। इसके बावजूद चंदू और वंदना की भूख शांत नहीं हुई और उन्होंने हाल ही में पांच लाख रुपए की और मांग रख दी। रकम न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी मिलने से मानसिक रूप से टूट चुके गिर्राज ने 26 सितंबर को सल्फास की गोलियां खा लीं।

परिस्थिति बिगड़ने पर उनके साले मिथुन गिरि ने उन्हें फौरन ग्वालियर के एक निजी अस्पताल (लिंक हॉस्पिटल) में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान अगले दिन यानी 27 सितंबर को उनकी सांसें थम गईं।

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक के माता-पिता और पत्नी कमलेश गिरि गोस्वामी के बयान दर्ज किए। साक्ष्यों के आधार पर चीनौर थाना पुलिस ने आरोपी चंदू सोनी और उसकी पत्नी वंदना सोनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

चीनौर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह गुर्जर ने जानकारी दी कि घटना के बाद से ही दोनों आरोपी घर से फरार हैं। पुलिस उनकी धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।