ग्वालियर में मौसम की पहली ही तेज बारिश ने शहर की सड़कों के निर्माण कार्यों और उनकी गुणवत्ता की पोल खोल दी है। बुधवार को करीब डेढ़ घंटे हुई बारिश के चलते झांसी रोड बस स्टैंड के सामने मुख्य सड़क अचानक नीचे बैठ गई, जिससे वहां करीब 10 से 12 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा बन गया।

गड्ढे में समाई कार, बाल-बाल बचा परिवार

इसी दौरान वहां से गुजर रही एक कार (MP07-ZQ4804) इस अचानक बने गड्ढे की चपेट में आ गई और उसका अगला हिस्सा उसमें जा धंसा। गनीमत यह रही कि बड़ा हादसा टल गया, हालांकि कार में सवार परिवार के एक बच्चे को इस दुर्घटना में मामूली चोटें आईं। घटना के वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रशासनिक लापरवाही: 45 मिनट तक नहीं पहुंचा कोई जिम्मेदार

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मदद के प्रयास किए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि करीब 45 मिनट तक न तो नगर निगम, न ही ट्रैफिक पुलिस और न ही लोक निर्माण विभाग का कोई भी नुमाइंदा मौके पर पहुंचा। आखिरकार कार चालक ने खुद पहल करते हुए घर से ट्रैक्टर और रस्सी मंगवाई और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कार को गड्ढे से बाहर निकाला।

व्यापारियों का फूटा गुस्सा, बोले- दो साल से चौपट है कारोबार

स्थानीय दुकानदार राजेश सिंह कुशवाहा ने रोष जताते हुए बताया कि यह सड़क पिछले लंबे समय से खुदी पड़ी है। सीवर लाइन डालने के बाद गड्ढों की सही से भराई नहीं की गई और न ही मानकों का ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि सड़क की इस बदहाली के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं आ पा रहे हैं, जिससे उनका पूरा व्यापार चौपट हो गया है।

नगर निगम ने इसे बताया 'सेटलमेंट', कार्यपालन यंत्री का बयान

मामले पर सफाई देते हुए नगर निगम के कार्यपालन यंत्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर लाइन करीब 6 मीटर की गहराई पर डाली गई थी और करीब 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य हुआ था। उनका कहना था कि बारिश के पानी के कारण सड़क के हिस्से में 'सेटलमेंट' हो गया है, जो इस मौसम में हो सकता है। इसी वजह से सड़क की अंतिम परत नहीं डाली गई थी। निगम अधिकारियों के अनुसार अब मौके पर गिट्टी डालकर मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है।