ग्वालियर के शीतला माता मंदिर मार्ग पर 17-18 अक्टूबर की दरमियानी रात हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में अब उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता अभिषेक जाट की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

इन प्रमुख अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस

अदालत ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), गृह, राजस्व और परिवहन विभाग के प्रमुख सचिवों के अलावा ग्वालियर के संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सहित कुल 10 पक्षकारों को नोटिस जारी किया है। याचिका में धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

हादसे के दिन का घटनाक्रम और वाहन का प्रवेश

याचिका के अनुसार, घटना की रात करीब डेढ़ बजे धान से भरा एक ट्रक चीनौर की ओर से सातऊ गांव स्थित शीतला माता मंदिर मार्ग पर उतरते समय अनियंत्रित हो गया था। इस हादसे में मंदिर जा रहे और लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ ही दुकानदारों को भी टक्कर लगी, जिससे 16 लोगों की मौत हो गई थी और 41 अन्य घायल हुए थे।

याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते जब इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था, तो ट्रक अंदर कैसे पहुंच गया। जबकि मौके पर पुलिस चेकपॉइंट और बैरिकेडिंग होने की बात भी सामने आई थी।

दस्तावेजों और सुरक्षा ऑडिट की मांग

याचिकाकर्ता ने हादसे के संबंध में एफआईआर, पुलिस ड्यूटी के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, ट्रैफिक डायवर्जन प्लान और तकनीकी जांच रिपोर्ट समेत सभी अहम दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश करने की मांग की है। साथ ही, मंदिर मार्ग का सुरक्षा ऑडिट कराए जाने की भी अपील की गई है।