फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में दिखा अलग अंदाज
गुना शहर के एक निजी विद्यालय में हाल ही में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न प्रकार की वेशभूषा में नजर आए। इसी दौरान एक छोटी बच्ची की प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी लोगों का विशेष रूप से ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
तख्तियों के जरिए बयां किया दर्द
स्टेज पर पहुंची यह बच्ची अपनी सामान्य स्कूल यूनिफॉर्म में थी और उसने अपने मुंह पर पट्टी बांध रखी थी। वह अपने साथ एक तख्ती लेकर आई थी और एक अन्य तख्ती उसकी पीठ पर लटकी हुई थी। इन पोस्टरों और तख्तियों पर लिखे संदेशों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
बच्ची के पोस्टर पर लिखा था - सरकार की पाठशाला, अटेंडेंस शीट। लोकतंत्र एब्सेंट सर।
इसके अलावा उसकी पीठ पर टंगे पोस्टर पर यह भी लिखा गया था कि लोकतंत्र को पाठशाला से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि वह लगातार सवाल पूछता था। संदेश में आगे जिक्र था कि जब सवाल पूछने वाला छात्र चुप या गायब हो जाता है, तब किताबें तो खुली रहती हैं लेकिन दिमाग बंद हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे शिक्षित तो हो जाते हैं लेकिन जागरूक नागरिक नहीं बन पाते।
नागरिकों के बीच शुरू हुई चर्चा
इस अनोखे प्रदर्शन के बाद शहर के कई नागरिकों द्वारा इस प्रकार के आयोजनों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के विषयों को स्कूली स्तर पर बच्चों के माध्यम से मंच पर लाना उचित नहीं है, वहीं इस बात पर भी बहस छिड़ गई है कि आखिर बच्चों को इस तरह की प्रस्तुतियां कराने के पीछे क्या उद्देश्य था।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!