गुना शहर के एक निजी शिक्षण संस्थान में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के दौरान एक नाबालिग छात्रा से कथित तौर पर विवादित राजनीतिक संदेशों का प्रदर्शन कराए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से संज्ञान लिया है और प्रशासन को तलब किया है।
क्या था पूरा मामला और तख्ती पर लिखे संदेश
शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा स्कूल ड्रेस पहनकर मंच पर आई, जिसके मुंह पर पट्टी बंधी हुई थी और उसके हाथ में एक तख्ती थमाई गई थी। उस तख्ती पर ‘सरकार की पाठशाला’ और ‘अटेंडेंस शीट’ का जिक्र किया गया था।
प्रस्तुति के दौरान तख्ती पर बेरोजगारी, नफरत, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, महंगाई, गरीबी, वोट चोरी, पेपर लीक और घोटालों जैसे गंभीर विषयों के आगे ‘प्रेजेंट सर’ लिखा हुआ था, जबकि लोकतंत्र के आगे ‘एब्सेंट सर’ दर्शाया गया था। इसके अलावा छात्रा की पीठ पर टंगी दूसरी तख्ती पर भी लोकतंत्र और जागरूकता से जुड़े संदेश लिखे थे, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
विवाद बढ़ने पर हुए प्रदर्शन और संगठनों की आपत्तियां
इस विवादित प्रस्तुति के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं ने स्कूल के प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपकर इस पर जवाब मांगा। हालांकि, बढ़ते दबाव के बाद स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए इसकी जिम्मेदारी अभिभावकों पर डाल दी थी।
मामला यही नहीं थमा, बल्कि शुक्रवार को हिंदू समाज के लोगों ने भी स्कूल के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। लगातार बढ़ते विरोध के चलते यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई और मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया।
आयोग ने दो सप्ताह के भीतर मांगी जांच रिपोर्ट
आयोग के विधि प्रभाग द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, इस मामले की शिकायत 15 अक्टूबर को प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर 16 अक्टूबर को यह कदम उठाया गया। आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया नाबालिगों के मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन का गंभीर मामला माना है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के अंतर्गत यह संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, गुना कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे पूरे मामले की जांच कराकर दो हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!