गुना जिले के कुंभराज थाना क्षेत्र से सामने आए 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण एवं दुष्कर्म के सनसनीखेज प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो और फरार सह-आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक पति-पत्नी शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

मई महीने में घर से गायब हुई थी पीड़िता

घटना की शुरुआत 5 मई को हुई थी, जब कुंभराज थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय किशोरी अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर उसी दिन थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई थी। पुलिस ने अपराध क्रमांक 67/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर बालिका की तलाश के प्रयास तेज किए थे।

राजस्थान से हुई थी सुरक्षित बरामदगी

लंबी मशक्कत के बाद पुलिस ने 28 जुलाई को राजस्थान के फलौदी क्षेत्र से नाबालिग को सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसके बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बयानों के आधार पर यह खुलासा हुआ कि ग्राम पीपल्या सिंगनपुर निवासी अभिषेक अहिरवार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और राजस्थान में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

बालिका ने अपने बयानों में यह भी खुलासा किया कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने में मुख्य आरोपी के परिजनों और अन्य सहयोगियों ने भी पूरी मदद की थी। बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं जोड़ीं।

अब तक सात आरोपी गिरफ्तार

इस प्रकरण में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी अभिषेक अहिरवार के अलावा उसके भाई रिंकू अहिरवार, पिता रामचरण अहिरवार, मां गुड्डी बाई अहिरवार और बुआ के लड़के छीतरलाल अहिरवार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

सोमवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ग्राम पीपल्या सिंगनपुर निवासी सोनू (पुत्र रामचरण अहिरवार, उम्र 32 वर्ष) और उसकी पत्नी वर्षा (उम्र 25 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया। इन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बहुचर्चित मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा चुकी है। वहीं, इस घटना से जुड़े दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।