अस्पताल में उपचार के दौरान बिगड़ी स्थिति
गुना जिले के आरोन इलाके के अंतर्गत आने वाले भादौर गांव की निवासी 26 वर्षीय राजकुमारी बाई की तबीयत खराब होने पर उसे 18 सितंबर को बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के दौरान उसमें खून की कमी बताई थी, जिसके बाद उसे चार यूनिट रक्त चढ़ाया गया था। स्वास्थ्य में सुधार दिखने पर 21 सितंबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
विगत शनिवार की शाम को अचानक महिला की फिर से तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत वापस लेकर उसी अस्पताल में पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद चिकित्सकों ने न तो उसका इलाज शुरू किया और न ही किसी डॉक्टर ने आकर उसकी जांच की, जिसके चलते रात के समय उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि जब वे मरीज को लेकर पहुंचे थे, तब उसकी सांसें चल रही थीं।
चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप और तोड़फोड़
रविवार की सुबह डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के भीतर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान उन्होंने वेंटिलेटर को गिरा दिया, रिसेप्शन पर रखे कंप्यूटर को नीचे पटक दिया और परिसर में रखा कूलर भी तोड़ डाला।
तोड़फोड़ के बाद परिजन मृतका का शव लेकर ओवरब्रिज पर पहुंच गए और वहां सड़क पर बाइकें खड़ी करके चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला जाम
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। परिजनों का कहना था कि यदि समय पर स्थिति गंभीर लग रही थी, तो उन्हें मरीज को बाहर ले जाने के लिए रेफर कर देना चाहिए था।
स्थिति को संभालते हुए तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और उन्होंने शोकाकुल परिवार को निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद आखिरकार परिजन शांत हुए, जिसके पश्चात पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!