गुना जिले के फतेहगढ़ इलाके के अंतर्गत आने वाले धनोरिया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी विधवा महिला अपने पूरे परिवार के साथ मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंची। महिला ने गांव के ही एक व्यक्ति पर उसकी लगभग 5 बीघा कृषि भूमि पर पिछले पांच साल से जबरन कब्जा जमाए रखने का आरोप लगाया है।
पति के नाम दर्ज है पांच बीघा कृषि भूमि
आवेदन देने पहुंची सुशीला बाई पत्नी स्व. घासीलाल सहरिया ने बताया कि धनोरिया गांव स्थित करीब 5 बीघा जमीन उनके दिवंगत पति के नाम पर दर्ज है। इस जमीन पर उनका निजी बोरिंग और बिजली का कनेक्शन भी मौजूद है। महिला के अनुसार, उनके पति इसी जमीन पर खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे और यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था।
पाँच साल से लगा है जबरन कब्जा, मिलती हैं धमकियां
सुशीला बाई ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि गांव के ही सरवन धाकड़ पुत्र कनहैया लाल धाकड़ ने पिछले पांच वर्षों से उनकी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। जब भी परिवार अपनी जमीन पर जाने की कोशिश करता है, तो आरोपी द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और मारपीट की धमकियां दी जाती हैं।
महिला का यह भी कहना है कि उसके पति ने अपने जीवनकाल में फतेहगढ़ थाना प्रभारी और बमोरी तहसीलदार को इस संबंध में कई बार लिखित शिकायतें दी थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
गुज़ारे का संकट और प्रशासन से न्याय की उम्मीद
पति की मृत्यु के बाद बच्चों की पूरी जिम्मेदारी अब विधवा सुशीला बाई के कंधों पर आ गई है। आजीविका का सहारा छिन जाने के कारण पूरा परिवार गहरे संकट से जूझ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाकर उन्हें वापस दिलाई जाए।
हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासनिक स्तर पर जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही इस पूरे मामले में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!