विद्या भारती के दिशा बोध कार्यक्रम के तहत हुआ शैक्षणिक भ्रमण

विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के व्यक्तित्व विकास एवं दिशा बोध कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर महावीरपुरा के छात्र-छात्राओं ने शिविर के तीसरे दिन विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और सामाजिक अनुभव प्रदान करना था।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर समझी प्रशासनिक व्यवस्था

भ्रमण के अगले चरण में विद्यार्थियों ने जिला कलेक्ट्रेट का रुख किया। यहां उन्होंने जिलाधिकारी से भेंट की और पूरे परिसर का जायजा लिया। इस दौरान बच्चों ने विभिन्न शासकीय शाखाओं की कार्यप्रणाली को करीब से देखा और जाना कि जनहित से जुड़े कार्य किस प्रकार संपन्न होते हैं। इस अनुभव से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिली कि प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान कैसे किया जाता है।

उद्यानिकी विभाग में आधुनिक कृषि तकनीकों से हुए परिचित

विद्यार्थियों ने इसके बाद जिला उद्यानिकी विभाग का भी अवलोकन किया। उप संचालक उद्यानिकी विभाग, कृष्णपाल किरार ने बच्चों को बागवानी, फसल उत्पादन, और अधिक पैदावार हासिल करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उन्नत तकनीकों के साथ-साथ जैविक खाद के इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

इस पूरे शैक्षणिक भ्रमण के दौरान वरिष्ठ आचार्य वीरेंद्र गोस्वामी, विद्यालय काउंसलर रेखा दीदी और आचार्य लोकेश कुशवाह भी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार इस तरह के दौरों से बच्चों में सामाजिक चेतना, प्रशासनिक समझ, सेवा भाव और आत्मनिर्भरता जैसे गुणों का विकास होता है।