ग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले के आरोन इलाके के अंतर्गत आने वाले बावयास गांव का एक प्रजापति परिवार अपनी जमीन बचाने और सुरक्षा की गुहार लगाने जिला मुख्यालय पहुंचा। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान बृजेश प्रजापति अपनी पत्नी और चार छोटे बच्चों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पेश हुए।
अधिकारियों के सामने छलका दर्द
जब पीड़ित बृजेश प्रजापति ने स्थानीय अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई, तो उनका दर्द छलक आया और वे अधिकारियों के सामने ही फफककर रो पड़े। उन्होंने बताया कि पिछले करीब तीन वर्षों से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी पुश्तैनी या आवंटित जमीन पर जबरन कब्जा जमाने की कोशिशें चल रही हैं।
आवास योजना की जमीन और धमकियां
पीड़ित किसान के अनुसार, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमीन और कुटीर का लाभ मिला था। इसी भूमि को लेकर गांव के ही रमेश, भात, दिलीप और शंकर नामक लोग विवाद पैदा कर रहे हैं। विरोध जताने पर आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं तथा परिवार की महिलाओं के खिलाफ भी अमर्यादित बातें कही जाती हैं।
बृजेश ने यह भी आरोप लगाया कि हरिसिंह नाम के एक अन्य व्यक्ति ने भी उन्हें पुलिस या प्रशासन में शिकायत करने पर भुगत लेने और जान से खत्म करवा देने की धमकी दी है।
बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
इस पूरे विवाद के कारण पीड़ित परिवार का जीवन दहशत में बीत रहा है। बृजेश का कहना है कि दबंगों के खौफ की वजह से उनके चारों बच्चे बुरी तरह डर गए हैं। स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों के साथ गाली-गलौज की जाती है और उन्हें डराया-धमकाया जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
जनसुनवाई में सौंपे गए प्रार्थना पत्र में परिवार ने अपनी संपत्ति की रक्षा करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे किसी से बैर नहीं चाहते, बस अपने बच्चों और जमीन की सुरक्षा चाहते हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!