गुना के स्थानीय कांग्रेस भवन में मंगलवार को एनएसयूआई की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राघौगढ़ के विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए, जहां उन्होंने युवाओं और छात्र कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। यह आयोजन आगामी 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' संवाद कार्यक्रम की तैयारियों के सिलसिले में रखा गया था।

मोदी सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक का लगाया आरोप

सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं और भारी अनियमितताएं आम हो गई हैं। जब देश के युवाओं और छात्रों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया, तो सत्ता में बैठे लोगों ने उनके साथ बेहद अमानवीय सलूक किया।

उन्होंने आगे कहा कि जिन हथियारों और गोलियों का इस्तेमाल देश की सीमाओं पर आतंकवादियों के खात्मा के लिए होना चाहिए, उनका प्रयोग देश के निर्दोष छात्रों पर किया गया। जयवर्धन सिंह ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं और बिहार में तो आंदोलन को बेरहमी से कुचलने के लिए एके-47 तक का इस्तेमाल किया गया।

मप्र के कॉलेज बन चुके हैं डिग्री बेचने की दुकानें: सिंह

मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़े हैं, लेकिन प्रदेश में पिछले 23 सालों के भाजपा शासनकाल में सरकारी और निजी कॉलेज केवल 'डिग्री बेचने की दुकानें' बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में केवल दाखिले और फीस की वसूली हो रही है, जबकि पठन-पाठन का स्तर पूरी तरह से शून्य हो चुका है।

कांग्रेस की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश में आईआईटी और आईआईएम जैसे उच्च कोटि के शिक्षण संस्थान स्थापित किए थे, जिनकी बराबरी आज की भाजपा सरकार कभी नहीं कर सकती।

भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लाने का वादा

जयवर्धन सिंह ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में युवाओं को यह तक पता नहीं होता कि सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर क्या है। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर छात्रों को स्पष्ट वार्षिक कैलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे सभी परीक्षाएं तय समय पर पूरी हो सकें। साथ ही, राजस्थान की तर्ज पर पूरे शैक्षणिक सत्र में केवल एक बार फीस जमा करने का पारदर्शी नियम लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने गुना के युवाओं और छात्रों से अपील की कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से 'जेन-जी' की तरह सरकार की नीतियों की पोल खोलें और आगामी 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले राहुल गांधी के कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़कर अपनी आवाज को बुलंद करें।