गुना में शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के महत्वपूर्ण अवसर पर अपने पितरों को तर्पण देने पहुंचे श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के सिंगवासा तालाब पर स्थिति यह थी कि लोगों को गंदे और कचरे से भरे घाटों के बीच ही अपने धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने पड़े।
घाटों पर पसरी रही गंदगी और बदबू
तालाब के घाटों के आसपास भारी कचरा फैला हुआ था और चारों तरफ बदबू आ रही थी। इसके अलावा पानी में गणेश प्रतिमाओं के अवशेष और पूजा सामग्री तैरती हुई नजर आई। हालात इतने असहज थे कि कई श्रद्धालु घाटों पर बैठकर पारंपरिक रूप से विधि-विधान से तर्पण करने की बजाय दूर से ही जल और कुशा अर्पित करके ही वापस लौटने को मजबूर हो गए।
प्रशासनिक स्वच्छता अभियानों पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि सिंगवासा तालाब municipal ward 34 के अंतर्गत आता है। इसी वार्ड में गत सोमवार को स्थानीय प्रशासन, नगरपालिका और भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया था। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब क्षेत्र में सफाई अभियान का दावा किया जा रहा था, तब इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल और तालाब के घाटों की सफाई को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?
ज्ञात हो कि अनंत चतुर्दशी और देवशयनी ग्यारस के मौके पर यहां गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। विसर्जन के बाद से ही वहां जमा हुई पूजन सामग्री, मूर्तियों के अवशेष, पुआल, फूल-मालाएं और प्लास्टिक की थैलियां आज तक नहीं हटाई गई थीं, जिसका खामियाजा अमावस्या पर तर्पण करने आए आम नागरिकों को भुगतना पड़ा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!