गुना जिले के चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की अंदरूनी कलह एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर खुलकर सामने आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही 'सेवा संकल्प यात्रा' के दौरान सोमवार रात स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बन गई।

मंडल अध्यक्ष को स्थान न मिलने से गरमाया मामला

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक प्रियंका मीना के समर्थक माने जाने वाले मंडल अध्यक्ष रामसेवक मीना को मंच पर बैठने के लिए जगह नहीं दी गई। इस बात से नाराज होकर विधायक ने आपत्ति जताई, जिसके बाद जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह के साथ उनकी तीखी बहस हो गई।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत का लहजा इतना तेज हो गया कि वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी कुछ पलों के लिए असहज नजर आए। स्थिति को संभालते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार और जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ मंच छोड़कर नीचे आकर बैठ गए।

जिलाध्यक्ष ने सीमित जगह का दिया हवाला

घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने इस पूरे घटनाक्रम को किसी बड़े विवाद के रूप में देखने से इनकार किया है। उनका स्पष्ट कहना था कि मंच पर बैठने की जगह सीमित थी और उन्हें यात्रा में आए सेवायात्रियों के साथ बैठना था, इसलिए वे नीचे जाकर बैठ गए थे।

यह यात्रा रूट क्रमांक आठ के तहत सोमवार को चांचौड़ा क्षेत्र में पहुंची थी। बीनागंज में मुख्य मार्गों से जुलूस निकलने और खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत करने के बाद, रामानंद आश्रम मंदिर में दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम संपन्न हुआ था।

पहले भी सामने आ चुकी हैं नाराजगी की घटनाएं

स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चांचौड़ा विधायक प्रियंका मीना की संगठन के कार्यक्रमों में असंतोष जाहिर करने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले पिछले महीने भी एक समरसता कार्यक्रम के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर उन्होंने मंच से आपत्ति जताई थी।

इसके अलावा, पूर्व में एक कृषि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के संदर्भ में दिए गए बयानों को लेकर भी गुना विधायक पन्नालाल शाक्य और प्रियंका मीना के बीच मंच पर तनातनी देखने को मिल चुकी है, जो पार्टी के भीतर की खींचतान को बयां करती है।