गुना शहर में श्री मैथिल ओझा समाज धर्मशाला ट्रस्ट के तत्वावधान में भगवान विश्वकर्मा जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख मार्गों से एक भव्य और आकर्षक जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने शिरकत की।
आकर्षण का केंद्र रही भगवान की विशाल प्रतिमा
निकाले गए इस जुलूस में भगवान विश्वकर्मा की एक विशाल और सुंदर मूर्ति मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। मूर्ति के दर्शन करने के लिए मार्ग में शहरवासियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो इस धार्मिक पल को अपने कैमरे में कैद करती नजर आई।
जुलूस के आगे समाजबंधु खुद हाथों से रथ खींचते हुए चल रहे थे। उनके पीछे चल रही रंग-बिरंगी झांकियों ने भगवान विश्वकर्मा के जीवन दर्शन और उनकी सांस्कृतिक महत्ता को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया।
पारंपरिक परिधानों में महिलाओं ने गाए मंगल गीत
इस धार्मिक आयोजन में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिलाएं भी पारंपरिक परिधान पहनकर शामिल हुईं। यात्रा के दौरान महिलाओं द्वारा लगातार मंगल गीत गाए जा रहे थे, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था।
महिलाओं के साथ-साथ युवाओं और बच्चों ने भी इस सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव में बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
जगह-जगह हुआ स्वागत और महाप्रसादी का वितरण
भ्रमण के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय लोगों और समाज के अन्य बंधुओं द्वारा भव्य स्वागत द्वार बनाए गए थे। जुलूस पर पुष्पमालाएं बरसाकर इसका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
यह शोभायात्रा वापस धर्मशाला परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। यहां विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा की आरती उतारी गई, जिसके पश्चात महाप्रसादी का वितरण किया गया और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के सफल समापन पर समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी शहरवासियों और समाज के सभी बंधुओं का भरपूर सहयोग मिला, जिसके चलते यह आयोजन अत्यंत सफलता के साथ संपन्न हुआ।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!