मात्र चार महीने में आया फैसला
गुना जिले के म्याना इलाके के अंतर्गत आने वाले सगोरिया गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। बाइक की चाबी मांगने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली थी। इस सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र चार महीने के भीतर ही ट्रायल पूरा कर लिया और आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
पेट्रोल निकालने की बात पर बढ़ा था विवाद
मृतक रमेश जाटव (40) मकान निर्माण का ठेका लेते थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बीते 24 अप्रैल की शाम रमेश अपने छोटे बेटे विवेक के साथ उमरी जाने की तैयारी कर रहे थे, जहां उन्हें एक शादी समारोह में मंडप पहनाने पहुंचना था। यात्रा के लिए रमेश ने अपने बड़े बेटे विकास जाटव से मोटरसाइकिल की चाबी मांगी और उसे घर की देखरेख के लिए रुकने को कहा।
विकास ने चाबी देने से इनकार कर दिया और कहा कि उसने एक दिन पहले ही बाइक का टैंक फुल करवाया है, इसलिए वह पहले टंकी से पेट्रोल निकालेगा और तभी चाबी देगा। पिता ने बेटे की इस बात पर सहमति जताते हुए उसे चाबी लाकर पेट्रोल निकालने की अनुमति भी दे दी थी।
गैंती से किया गया था घातक हमला
पिता की रजामंदी मिलने के बाद विकास घर के भीतर गया, लेकिन पेट्रोल निकालने के बजाय वह हाथ में निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली गैंती लेकर बाहर आ गया। उसने बिना किसी और बातचीत के सीधे अपने पिता के सिर पर गैंती से जोरदार वार कर दिया।
सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से रमेश मौके पर ही अछूत होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी विकास तुरंत वहां से फरार हो गया। आनन-फानन में परिवार के लोग घायल रमेश को लेकर म्याना अस्पताल की तरफ निकले।
इलाज के दौरान हुई मौत और अदालत का फैसला
अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में परिजनों को डायल 112 की टीम मिल गई। पुलिसकर्मियों की सलाह पर परिजन घायल को लेकर सीधे गुना जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान रात करीब 3 बजे रमेश ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी की मां और भाई अपने शुरुआती बयानों से मुकर गए थे, लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से रखे गए मजबूत तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विकास जाटव को पिता की हत्या का दोषी करार दिया। इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने पैरवी की थी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!