गुना जिले के राघौगढ़ में जल झूलनी एकादशी यानी डोल ग्यारस का पर्व पूरी श्रद्धा और पारंपरिक भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें स्थानीय नागरिकों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

400 साल पुराने मंदिर से निकले विमान

किले में बने लगभग चार सौ साल पुराने भगवान श्रीराम मंदिर से विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान राघौजी महाराज, जगदीश जी, कल्याण जी और गोपाल जी महाराज के विमानों की भव्य शोभायात्रा आरंभ हुई। किले से चलकर यह यात्रा धीरपुर तालाब पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ भगवान का जल विहार संपन्न कराया गया।

राजपरिवार और समाज के लोग रहे मौजूद

इस पारंपरिक अनुष्ठान में राघौगढ़ राजपरिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह और क्षेत्रीय विधायक जयवर्धन सिंह ने सहभागिता की। दोनों ने काका-भतीजे के रिश्ते की गरिमा के साथ भगवान के विमानों की अगवानी की और शोभायात्रा के साथ धीरपुर तालाब तक की दूरी तय की।

करीब 30 विमानों ने लिया शोभायात्रा में हिस्सा

राघौगढ़ के इस पर्व की विशेषता यह है कि इसमें केवल राजपरिवार के विमान ही नहीं, बल्कि नगर के विभिन्न समाजों के मंदिरों से आने वाले विमान भी शामिल होते हैं। इस बार की शोभायात्रा में शहर के अलग-अलग समाजों के लगभग 30 विमानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने अपने आराध्यों के साथ धीरपुर तालाब पहुंचकर जल विहार की परंपरा को पूरा किया।

स्थानीय जानकारों के मुताबिक यह आयोजन पिछले चार सौ वर्षों से लगातार पीढ़ियों द्वारा सहेजा जा रहा है। समय के साथ भले ही शहर का दायरा बढ़ा हो, लेकिन डोल ग्यारस पर किले से विमान निकलने और समाज के सभी वर्गों के जुड़ने की यह लोक परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है।