गुना शहर में हाल ही में संपन्न हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और ईवीएम के जरिए मतदान कराए जाने के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। यह पूरा प्रदर्शन जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयवर्धन सिंह के मार्गदर्शन और शहर कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई शुरुआत

प्रदर्शन की शुरुआत से पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रशासन और चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

मतदाता सूची से हटाए गए नामों को सार्वजनिक करने की मांग

इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश शर्मा ने मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मांग उठाई कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सूची से हटाए गए 13 करोड़ नामों की पारदर्शी सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में कितने लोग अपात्र थे। साथ ही, पात्र नागरिकों के नाम बिना किसी विलंब के दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने एक बार फिर पुरानी प्रणाली की तरफ लौटने की मांग करते हुए ईवीएम से मतदान बंद करने और बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव संपन्न कराने की बात कही। देश के राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के जरिए यह मांग भी रखी गई कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।

फॉर्म-7 के दुरुपयोग और झूठी शिकायतों पर ऐक्शन की मांग

कांग्रेस जनों ने गुना जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं होने का गंभीर आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल करके वैध मतदाताओं के नाम सूची से कटवाने के प्रयास किए गए हैं।

पार्टी नेताओं ने मांग की है कि फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने के लिए जितनी भी आपत्तियां या शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, उनका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। इसके अलावा, जिन लोगों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए या झूठी शिकायतें दर्ज कराईं, प्रशासन उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करे।