छिंदवाड़ा जिले के कई नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में हाथों में तख्तियां लिए इन छात्र-छात्राओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने समय पर परीक्षाएं न होने, छात्रवृत्ति की राशि लंबित रहने और कॉलेज प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण अपने भविष्य को अनिश्चित बताया।

शैक्षणिक सत्र में लगातार देरी

छात्रों ने अपने ज्ञापन में बताया कि लंबे समय से नर्सिंग की परीक्षाएं आयोजित नहीं की जा रही हैं, जिसके चलते उनका शैक्षणिक सत्र कई वर्षों पीछे चल गया है। इस स्थिति के कारण उनकी उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा की तारीखों की घोषणा न होने से उनके मन में भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता है, जिससे मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

छात्रवृत्ति न मिलने से आर्थिक संकट

प्रदर्शनकारी छात्रों ने यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और आरक्षित वर्ग के कई विद्यार्थियों को अभी तक छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त नहीं हुई है। छात्रवृत्ति के अभाव में उन्हें अपनी पढ़ाई का खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी शिक्षा पर संकट मंडरा रहा है।

विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन पर भी उदासीनता और लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या ठोस आश्वासन नहीं मिला है, जिससे उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें और आंदोलन की चेतावनी

नर्सिंग छात्रों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विश्वविद्यालय और विभाग को तत्काल निर्देश दिए जाएं ताकि लंबित परीक्षाएं जल्द से जल्द आयोजित हो सकें। इसके साथ ही, उन्होंने लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित करने और छात्र हितों की अनदेखी करने वाले कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की।

छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों के लिए आगे भी बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।