मध्य प्रदेश के गुना जिले की आरोन तहसील के अंतर्गत आने वाले तमेड़ी गांव की रहने वाली एक विवाहिता की राजस्थान में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है और मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप मढ़ा है।

पीपलखेड़ी गांव में हुई घटना, मायके पक्ष को दो दिन बाद मिली सूचना

यह पूरी घटना राजस्थान के बारां जिले के बापचा थाना क्षेत्र के पीपलखेड़ी गांव की है। यहां मृतका गौरीबाई की शादी राजू बंजारा (पुत्र बलराम बंजारा) के साथ हुई थी। गौरीबाई की गोद में करीब चार माह की एक छोटी बच्ची भी है। मायके पक्ष का मुख्य आरोप है कि इस दुर्घटना या वारदात की जानकारी उन्हें करीब दो दिन बीत जाने के बाद दी गई।

देरी से सूचना मिलने पर संदेह गहराने के बाद मृतका के परिजनों ने बापचा थाने में लिखित परिवाद सौंपा है। इसमें पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

सिर पर सरिया मारकर हत्या करने का आरोप

मृतका के भाई ने पुलिस को दिए गए अपने बयानों और परिवाद में कहा है कि पारिवारिक कलह के कारण गौरीबाई के साथ लगातार मारपीट की जाती थी। मायके वालों ने सीधे तौर पर पति, सास, ससुर, जेठ और जेठानी पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि गौरीबाई के सिर पर लोहे का सरिया मारकर उसकी जान ली गई है।

इसके विपरीत, ससुराल पक्ष का पक्ष बिल्कुल अलग है। उनका दावा है कि गौरीबाई अपने घर की छत से नीचे गिर गई थी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। ससुराल पक्ष के अनुसार उसे तुरंत इलाज के लिए कोटा के एक अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

दोनों पक्षों के बयानों में पूरी तरह से विरोधाभास होने के कारण पुलिस हर एंगल से मामले की गहराई से छानबीन कर रही है। फिलहाल मायके पक्ष की तरफ से लगाए गए हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है।

पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर छबड़ा चिकित्सालय की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। अधिकारीयों का कहना है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।