अंचल में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पटवारियों को निष्पादक यानी रजिस्ट्रार के तौर पर तैनात किए जाने के फैसले के खिलाफ मैदानी अमले में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में जिले के पटवारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीण आबादी और सर्वे कार्य से जुड़ा है मामला
ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को उनकी संपत्ति का अधिकार अभिलेख देना है। इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र की भूमि का स्वरूप सामान्य कृषि भूमि से अलग होता है, जिसका मानचित्रण पंचायत राज व्यवस्था के अंतर्गत तैयार किया गया है।
पटवारी संघ का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व अमले की भूमिका केवल तकनीकी सहयोग और मैदानी सहायता तक ही सीमित रही है। इसके एवज में पंचायत विभाग की तरफ से मानदेय का भुगतान भी किया जा रहा है, ऐसे में पंजीयन जैसे कार्य का जिम्मा इस संवर्ग को सौंपना तर्कसंगत नहीं है।
वेतन विसंगति और लंबित समस्याओं का मुद्दा
कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उनकी पुरानी और गंभीर समस्याएं जैसे वेतन विसंगति, ग्रेड-पे और कैडर रिव्यू का निराकरण नहीं होता, तब तक उन पर नई योजनाओं का प्रशासनिक बोझ न डाला जाए।
पटवारियों का कहना है कि वे अपने पारंपरिक दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं, लेकिन बिना समस्याओं के समाधान के लगातार नई जिम्मेदारियां थोपना न्यायसंगत नहीं है।
आंदोलन की दी चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दी गई कि यदि जबरन काम का दबाव बनाया गया और मांगों को अनसुना किया गया, तो प्रदेशव्यापी स्तर पर कलमबंद हड़ताल की जाएगी। संघ ने साफ किया कि ऐसी स्थिति में जनता को होने वाली परेशानियों की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!