गुना जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह देखने को मिला है। स्थिति यह है कि बिजली कंपनी द्वारा निर्धारित शुरुआती लक्ष्य से कहीं अधिक लोगों ने छतों पर सोलर पैनल और इनवर्टर स्थापित करवा लिए हैं। योजना के तहत जिले में शुरुआती तौर पर एक हजार से बारह सौ सोलर प्लांट लगाने का प्रारंभिक लक्ष्य तय किया गया था।

लक्ष्य से आगे निकले आवेदन, घट गया मीटरों का स्टॉक

योजना के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान के कारण पंद्रह सौ से ज्यादा उपभोक्ताओं ने इसके लिए पंजीकरण कराया और आवेदन किए। जिले में बारह सौ से अधिक परिसरों में सोलर सिस्टम लगाने का काम पूरा हो चुका है, जिनमें से करीब ग्यारह सौ पचास प्लांट की कमीशनिंग भी हो चुकी है। इसके बावजूद शहर के विभिन्न हिस्सों जैसे चौधरन कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों में पचास से साठ तैयार प्लांट नेट मीटर के अभाव में ठप पड़े हैं। बिजली कंपनी के स्टोर में मीटरों का स्टॉक समाप्त होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

लोन की किस्त और बिजली बिल का दोहरा बोझ

नेट मीटर न लग पाने की वजह से उपभोक्ताओं को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। जिन लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर अपनी छतों पर सोलर प्लांट लगवाए हैं, उनकी ईएमआई यानी बैंक किस्तें तो शुरू हो चुकी हैं, लेकिन प्लांट चालू न होने के कारण उन्हें सामान्य बिजली बिल भी भरना पड़ रहा है। इसके अलावा नेट मीटर के बिना प्लांट की कमीशनिंग और आधिकारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे मिलने वाली सब्सिडी का रास्ता भी अटक गया है।

बिजली कंपनी ने भेजी नए मीटरों की मांग

मीटरों की किल्लत सामने आने के बाद स्थानीय विद्युत वितरण कंपनी ने उच्च अधिकारियों को अतिरिक्त मीटरों के लिए दोबारा मांग पत्र भेज दिया है। महाप्रबंधक अशोक शर्मा के अनुसार गुना शहर के लिए पैंतीस और कैंट क्षेत्र के लिए बाईस यानी कुल सत्तावन नए मीटरों की डिमांड भेजी गई है। कंपनी का दावा है कि जैसे ही स्टोर में मीटर पहुंचेंगे, वरिष्ठता सूची और आवेदन की तारीख के आधार पर इन्हें स्थापित कर पेंडिंग प्लांट चालू कर दिए जाएंगे।