ट्रेन के सफर के दौरान यात्रियों से मेलजोल बढ़ाकर उन्हें बेहोश करने और फिर कीमती सामान लूटने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गुना जीआरपी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए झारखंड के जामताड़ा से एक आरोपी को दबोचा है, जो ट्रेन में यात्रियों को निशाना बनाता था।

सालगिरह मनाने जा रहे दंपती को बनाया था निशाना

घटना बीते 18 जून की है। भोपाल निवासी नर्मदा प्रसाद अहिरवार अपनी पत्नी के साथ शादी की सालगिरह के मौके पर खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे थे। भोपाल से जोधपुर जाने वाली ट्रेन की जनरल बोगी में सफर के दौरान दो आरोपियों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया।

इसी दौरान आरोपियों ने पीने के पानी में नशीली दवा मिलाकर दंपती को पिला दी, जिससे वे गहरी बेहोशी की हालत में चले गए। जयपुर स्टेशन पर जीआरपी ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। होश आने पर दंपती को पता चला कि उनके पास रखे गहने और नौ हजार रुपये नकद गायब हैं।

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी मदद से खुला राज

जयपुर जीआरपी ने मामला दर्ज करने के बाद केस डायरी भोपाल जीआरपी को ट्रांसफर की थी। मामले की छानबीन के दौरान रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे यह सुराग मिला कि संदिग्ध आरोपी गुना जिले के रुठियाई रेलवे स्टेशन पर उतरे थे।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड खंगालते हुए अपनी जांच का दायरा बढ़ाया। कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस झारखंड के जामताड़ा तक पहुंची और वहां से दुर्भुज मंडल नामक आरोपी को धर दबोचा।

सात राज्यों में फैला है वारदातों का जाल

पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह देश के करीब सात राज्यों में आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी ओडिशा और बिहार समेत विभिन्न राज्यों के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सक्रिय रहे हैं। पुरी, विजयवाड़ा, धनबाद, रांची, टाटानगर, खड़गपुर और पुणे जैसे बड़े स्टेशनों पर भी इनकी संलिप्तता सामने आई है।

जांच में सामने आया है कि गिरोह का दूसरा सदस्य सुशील मंडल अभी फरार है, जो मुख्य संचालक बताया जा रहा है और वारदातों के लिए नशीली गोलियों का इंतजाम करता था। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और गिरोह के अन्य आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।