गुना जिला मुख्यालय पर पुलिस पेंशनर्स संघ के प्रांतीय अधिवेशन और चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के 33 अलग-अलग जिलों से सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए एक आपातकालीन कोष (इमरजेंसी फंड) गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
अधिकारियों के व्यवहार पर छलका दर्द
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहे सेवानिवृत्त डीआईजी और गुना के पूर्व एसपी हरिसिंह यादव ने वर्तमान प्रशासनिक एवं पुलिस तंत्र पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में चाहे आईपीएस अधिकारी हों, एसपी स्तर के अधिकारी हों या फिर थाने के टीआई, आम लोगों और पूर्व कर्मियों से सीधे मुंह बात करने को तैयार नहीं होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के प्रशासनिक अमले में मानवीय संवेदनशीलता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
पूर्व डीआईजी ने दो टूक शब्दों में कहा कि बड़े अधिकारियों के भाषणों से स्थिति में सुधार नहीं आने वाला है। इसके लिए सबसे पहले पुलिस और प्रशासनिक ट्रेनिंग सेंटर्स में बदलाव करने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि विभाग को चाहिए कि वे हम जैसे अनुभवी और पुराने लोगों को प्रशिक्षण केंद्रों में आमंत्रित करें ताकि नए अधिकारियों को सही दिशा और तौर-तरीके सिखाए जा सकें।
सम्मान के हकदार हैं सेवा दे चुके कर्मी
पूर्व एसपी ने थानों और कार्यालयों के बाहर अंकित 'जनसेवा और देशभक्ति' के नारों का जिक्र करते हुए व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पुलिस कार्यालयों में किस प्रकार की सेवा हो रही है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने बल देकर कहा कि महकमे में आने वाले सभी लोग कड़ी मेहनत और परीक्षाओं के जरिए चयनित होकर आते हैं, इसलिए वे भी पूरा सम्मान पाने के अधिकारी हैं।
हम बड़ी भारी मेहनत करके इस नौकरी में आए हैं, हम भी सम्मान चाहते हैं। सम्मान देकर देख लीजिए, जान दे देंगे।
कलेक्टर और अन्य गणमान्य अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक संतुलन बनाए रखने के लिए सभी को योग और व्यायाम जैसी स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों से जुड़े रहना चाहिए, जिससे लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में एएसपी प्रशांत सुमन भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं इस पूरे प्रांतीय अधिवेशन की अध्यक्षता सेवानिवृत्त एएसपी विशंभर सिंह तोमर द्वारा की गई, जिसमें सेवानिवृत्त पुलिसर्किमयों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!