गुना शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार अतिक्रमण विरोधी मुहिम और विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई के बीच स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य ने ही प्रशासन के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
नगरपालिका के कार्यक्रम में साधा निशाना
नगरपालिका परिसर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपने संबोधन और बयानों में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तंज कसा। उन्होंने खुले तौर पर कहा कि उनके जिले में जिलाधीश महोदय काफी मेहरबान हैं और अपनी मर्जी से शिविरों का आयोजन करवा देते हैं।
घटनाक्रम का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि एक दिन पहले ही प्रशासन शहर में सफाई कराने के साथ-साथ अवैध अतिक्रमण भी ध्वस्त कर रहा था, लेकिन अचानक उच्च स्तर से फोन की घंटी बज गई और निर्देश मिला कि यह सब क्या चल रहा है।
सेतु अभियान और शिविरों का आयोजन
प्रशासन द्वारा वर्तमान में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेतु अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ पहुंचाना तय किया गया है।
इसी कड़ी में शनिवार को ग्रामीण क्षेत्रों और रविवार को शहरी इलाके के नगरपालिका भवन में विशेष शिविर आयोजित किए गए थे। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार और नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविन्द गुप्ता भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कम भीड़ और भाषा को लेकर तीखा अंदाज
रविवार के दिन आयोजित इस शिविर में आम जनता और हितग्राहियों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई। जब पत्रकारों ने विधायक से रविवार के दिन शिविर लगाने और कम संख्या के बारे में सवाल पूछा, तो उनका जवाब काफी दो टूक था।
विधायक ने संवाद के दौरान यह भी हिदायत दी कि उनके सामने हमेशा हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रविवार को शिविर लगाने जैसी योजनाएं ऊपर से तय होकर आती हैं और पूरे प्रदेश में इसी निर्देश के तहत काम चल रहा है।
केंद्रीय मंत्री की बैठक के बाद शुरू हुई थी मुहिम
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली थी। उस बैठक में उन्होंने दशहरे के त्योहार से पहले शहर के प्रत्येक वार्ड में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और अतिक्रमण हटाने के कड़े निर्देश दिए थे।
उसी निर्देश के अनुपालन में शुक्रवार से शहर में सफाई और तोड़फोड़ की कार्रवाई आरंभ हुई थी। शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 28 में अतिक्रमण हटाया गया और शनिवार को गुलाबगंज मार्ग पर भी प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर चलाया। खास बात यह है कि गुलाबगंज वही क्षेत्र है जहां कुछ समय पहले स्थानीय नागरिकों ने सड़क की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री के काफिले को रोक लिया था।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!