गुना जिले में पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इस कार्रवाई के विरोध में पूर्व विधायक और उनकी पत्नी द्वारा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद अब सिंधिया समर्थक नेता भी खुलकर मैदान में आ गए हैं।

गलत प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने का है आरोप

यह पूरा मामला दो दिन पहले सामने आया जब भोपाल स्थित सतर्कता पुलिस मुख्यालय में पूर्व आईपीएस रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मीना ने डीएसपी पद पाने के लिए विदिशा जिले के सिरोंज से अनुचित तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवाया था। इसी फर्जी प्रमाण पत्र के बल पर उन्होंने न केवल नौकरी हासिल की, बल्कि अपने पूरे सेवाकाल में इसी आधार पर पदोन्नति भी प्राप्त करते रहे।

शिकायत मिलने के बाद उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने इस प्रकरण की गहराई से जांच की। जांच के दौरान समिति ने पाया कि आरोपी ने गलत दस्तावेजों के जरिए अनुचित लाभ उठाया था। समिति की रिपोर्ट और संस्तुति के आधार पर भोपाल मुख्यालय में शुक्रवार को औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई।

पूर्व विधायक ममता मीना ने वीडियो जारी कर साधा निशाना

एफआईआर दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक ममता मीना ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वीडियो में कहा कि उनके पति पर यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इशारे पर कराई गई है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि वे इस अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगी और कोर्ट के माध्यम से इसका सामना करेंगी।

सिंधिया समर्थक ने किया तीखा पलटवार

पूर्व विधायक के इन बयानों और वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा के पूर्व जिला मंत्री रुद्रदेव सिंह ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने भी एक वीडियो जारी कर ममता मीना के बयानों पर आपत्ति जताई और उन्हें नसीहत दी कि वे सोच-समझकर बयान दें।

ममता मीना जी, आपने वीडियो में चप्पल जूता दिखाने की बात कही है। मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि आपके चप्पल जूते किस जमाने में और किन-किन पर चले हैं, वे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो ही रहे हैं। यदि आपके पास वे वीडियो नहीं हैं, तो मैं आपको भेज देता हूं। केंद्रीय मंत्री महाराज का रिश्ता इस क्षेत्र के हर व्यक्ति से है।