स्थानीय सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले 40 वर्षीय हरदीप लोधी ने पारिवारिक विवाद के बीच घर में रखा तेजाब पी लिया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर आसपास के लोगों की मदद से उसे फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज शुरू हुआ।

किरायेदार रखने को लेकर चल रहा था मनमुटाव

मृतक हरदीप मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे हरदीप ने अपनी आय बढ़ाने के लिए घर का एक हिस्सा किराए पर दे रखा था। परिजनों के अनुसार इसी बात को लेकर घर के सदस्यों में लगातार खींचतान और विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

मृतक की पत्नी और बेटी ने आरोप लगाया है कि हरदीप पर लगातार यह दबाव डाला जा रहा था कि वह अपने मकान में किसी को भी किराए पर न रखे। इस बात को लेकर उपजे तनाव के कारण वह मानसिक रूप से काफी आहत और परेशान चल रहा था।

अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम

घटना वाले दिन शाम करीब छह बजे हरदीप ने यह खौफनाक कदम उठाया और एसिड गटक लिया। पड़ोसियों ने जब उसकी गंभीर हालत देखी तो वे उसे तुरंत अस्पताल ले गए। परिजनों की तरफ से यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के वक्त घर में अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन समय पर उसकी सुध नहीं ली गई।

सोमवार तथा मंगलवार की दरमियानी रात करीब बारह बजे इलाज के दौरान हरदीप की सांसें थम गईं। अगले दिन सुबह पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया गया।

सुसाइड नोट मिलने का दावा और पुलिस जांच

इस पूरे मामले में परिजनों ने एक सुसाइड नोट मिलने का दावा किया है। सामने आए इस कथित नोट में चार लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनमें राजाबेटी लोधी, मंगल लोधी, निखिल लोधी और अंजना लोधी के नाम शामिल हैं। मृतक की पत्नी ने इन्हीं में से सास, देवर और देवरानी पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। अब मामले में मिले सुसाइड नोट की सत्यता, परिजनों के बयानों और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से जांच की जा रही है, जिसके बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।