दस करोड़ के फ्रॉड में पुलिस रिमांड पर आरोपी
अमेजन के साथ हुए दस करोड़ रुपये से अधिक के बड़े फ्रॉड के मामले में पुलिस हिरासत में चल रहे आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। इस हाईप्रोफाइल मामले में रविवार को पुलिस के सामने कई अहम और हैरान करने वाली जानकारियां सामने आई हैं, जिनसे इस पूरी वारदात की परतें उधड़ने लगी हैं।
महज बीए पास है मास्टरमाइंड शेखर मीणा
जांच में पता चला है कि इस बड़े फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी शेखर मीणा केवल बीए पास है। इसके बावजूद उसने ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन और डिलीवरी कंपनी ब्लू डार्ट की व्यवस्थाओं की तकनीकी कमियों का फायदा उठाया। इसी कमजोरी का लाभ लेकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और करोड़ों का साम्राज्य बना डाला।
महज कुछ साल पहले तक साधारण स्थिति में रहने वाले शेखर ने ठगी के काले कारोबार से अकूत संपत्ति जुटाई। उसने अपने पैतृक गांव में करीब दस हजार वर्ग फीट में एक आलीशान मकान का निर्माण कराया, जिसके अगले हिस्से में कई दुकानें भी बनवाई गई हैं। इसके अलावा उसे महंगे गैजेट्स और लग्जरी गाड़ियों का भी शौक लग गया था।
उधार चुकाने के एवज में देता था सिम और ओटीपी
मुख्य आरोपी शेखर मीणा को फर्जीवाड़े के लिए जरूरी सिम कार्ड और ओटीपी तरुण शर्मा उपलब्ध कराता था। राघौगढ़ में एयरटेल पेमेंट्स बैंक चलाने वाले तरुण की दुकान पर रोजाना भारी संख्या में ग्राहक आते थे। तरुण ने शेखर से अपनी मां के इलाज के नाम पर डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वह चुका नहीं पा रहा था।
उधारी के दबाव से निकलने के लिए शेखर ने तरुण को इस अवैध काम में शामिल कर लिया। तरुण अपनी दुकान पर आने वाले उपभोक्ताओं से कहता था कि उसके फोन पर ओटीपी नहीं आ रहा है, इसलिए वह ग्राहक का नंबर लेकर शेखर को फॉरवर्ड कर देता था। इन नंबरों से अमेजन पर फर्जी खाते बनाए जाते थे और ओटीपी आने पर तरुण उसे शेखर तक पहुंचा देता था। प्रति ओटीपी सात सौ रुपये का भुगतान तय किया गया था।
राजस्थान तक फैला था नेटवर्क और बैंक खातों की जांच
पुलिस पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी शेखर राजस्थान के कई स्थानीय दुकानदारों को कम दाम पर मोबाइल फोन बेचता था। इसी सुराग के आधार पर गुना पुलिस की एक टीम राजस्थान के बारां जिले पहुंची और वहां से एक मोबाइल दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। शेखर द्वारा बेचे गए अन्य मोबाइलों की भी तलाश की जा रही है।
आरोपी की विलासिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने पिछले एक साल में ही पांच वाहन बदल डाले थे। उसने हाल ही में करीब चालीस लाख रुपये की थार गाड़ी बुक कराई थी, जिसकी डिलीवरी आगामी दीपावली पर होनी थी। पुलिस ने शेखर के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी खंगाले हैं, जिनमें भारी मात्रा में मोबाइल पेमेंट और रिफंड के लेनदेन मिले हैं। साथ ही उसकी संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका को पत्र लिखा गया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!