गुना जिले के आरोन कस्बे में सरकारी स्कूलों में बांटी जाने वाली पाठ्यपुस्तकों को चुराने का मामला सामने आया है। पुराने अस्पताल परिसर में बने शिक्षा विभाग के स्टोर रूम से किताबों का कट्टा चोरी कर ले जा रहे एक युवक को धर दबोचा गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
मेडिकल स्टोर संचालक की सतर्कता से खुला मामला
यह पूरी घटना 22 सितंबर की सुबह करीब सवा दस बजे की है। पुराने अस्पताल के सामने स्थित राजीव मेडिकल स्टोर के संचालक की नजर स्टोर रूम के अंदर संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना शिक्षा विभाग के अमले को दी, जिसके बाद विभाग के कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरोन में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अजय शर्मा को मेडिकल स्टोर से सूचना मिली थी। इसके बाद वे भृत्य खिलन चिढ़ार और विकास बिजौले के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने देखा कि दो लोग स्टोर रूम के पिछले चैनल गेट से एक सफेद प्लास्टिक का कट्टा लेकर बाहर निकल रहे हैं।
कट्टे से मिलीं दसवीं गणित की किताबें
विभाग के कर्मचारियों को देखकर दोनों ने भागने की कोशिश की, जिस पर खदेड़कर एक युवक को कट्टे सहित पकड़ लिया गया। हालांकि, उसका दूसरा साथी वहां से भाग निकला। पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपनी पहचान 19 वर्षीय रघुनंदन यादव, निवासी ग्राम ककरयाई हाल निवासी शिवशक्ति नगर आरोन के रूप में बताई।
कर्मचारियों ने जब उस कट्टे की तलाशी ली, तो उसमें कक्षा 10वीं की गणित विषय की पाठ्यपुस्तकें भरी हुई मिलीं। इसके बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारी पकड़े गए युवक और बरामद किताबों को लेकर सीधे थाने पहुंचे और पुलिस के हवाले किया।
स्टोर रूम में रखी थीं नौवीं से बारहवीं तक की किताबें
शिक्षा विभाग द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, पुराने अस्पताल की बिल्डिंग के एक कमरे को किताबों के भंडारण के लिए उपयोग किया जा रहा है। इस स्टोर रूम में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के वितरण हेतु मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की किताबें रखी गई हैं।
ये सभी किताबें सुरक्षा की दृष्टि से सफेद प्लास्टिक के अलग-अलग कट्टों में कक्षा और विषयवार व्यवस्थित करके रखी गई थीं। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और भागे हुए दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!