गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्चे को अपने जाल में फंसाकर जंगल ले जाने वाले संदिग्ध को पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए धर दबोचा है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया व्यक्ति आपराधिक प्रवृत्ति का है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा
घटना की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी, जब एक स्थानीय निवासी ने कैंट थाने पहुंचकर अपने 10 वर्षीय भतीजे के सुबह से गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए पुलिस ने फौरन अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी थी और अगले ही दिन 17 अक्टूबर को बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।
पुलिस के सामने दिए गए बयानों में पीड़ित बच्चे ने बताया कि गुरुवार की सुबह गुलाबगंज रेलवे ट्रैक के पास उसे एक व्यक्ति मिला था। वह शख्स उसे खाने का प्रलोभन देकर हड्डीमील के पास सुनसान जंगल क्षेत्र में ले गया। वहां आरोपी ने शराब का सेवन किया और बच्चे के साथ मारपीट की। बाद में आरोपी के सो जाने का फायदा उठाकर बच्चा वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा और सीधे अपनी नानी के घर जा पहुंचा।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी मदद से धरा गया आरोपी
कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप भार्गव ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया था। इस दौरान इलाके के तमाम संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ी गईं, जिसके बाद आखिरकार संदिग्ध आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ गया।
पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान अपनी पहचान शिवकुमार उर्फ हल्के उर्फ भूपत सिंह (पुत्र जसवंत रघुवंशी, निवासी ग्राम क्षेत्रपाल, थाना आरोन, जिला गुना) के रूप में बताई है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
पूर्व में भी दर्ज हैं गंभीर धाराओं के पांच आपराधिक प्रकरण
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी शिवकुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही कुल पांच गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें आरोन थाने में मारपीट, अप्राकृतिक कृत्य और हत्या से जुड़े तीन प्रकरण शामिल हैं।
इसके अलावा अशोकनगर कोतवाली में चोरी का एक मामला तथा कचनार थाने में अपहरण एवं बलात्कार से जुड़ा एक अन्य गंभीर प्रकरण भी दर्ज पाया गया है। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी अनूप कुमार भार्गव के साथ एसआई अरुंधति राजावत, रामभरोसा बैरागी और अन्य आरक्षक शामिल रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!