गुना जिले के उच्च शिक्षा विभाग के कार्यप्रणाली इन दिनों खासी चर्चा में है। विभाग द्वारा एक ऐसा अजीब फैसला लिया गया है जिससे राघौगढ़ डिग्री कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। यहां अध्ययनरत करीब नौ सौ विद्यार्थियों को इतिहास विषय पढ़ाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतिभा दुबे का अटैचमेंट अन्य कॉलेज में कर दिया गया है।

चार विद्यार्थियों के कॉलेज में भेजे गए पांच प्रोफेसर

हैरानी की बात यह है कि राघौगढ़ कॉलेज से हटाकर प्रोफेसर प्रतिभा दुबे को बमोरी कॉलेज भेजा गया है, जहां वर्तमान में केवल चार ही विद्यार्थियों का प्रवेश है। बमोरी कॉलेज का हाल ही में सितंबर महीने में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लोकार्पण किया गया था। उद्घाटन से पूर्व ही इस नए कॉलेज में चार छात्रों के मुकाबले पांच असिस्टेंट प्रोफेसरों को तैनात किए जाने का मामला सामने आ चुका है।

बमोरी कॉलेज में पहले से तैनात शिक्षकों में प्रतिभा परमार, पूजा शर्मा, डॉ. ललित कुमार और डॉ. जितेंद्र धाकड़ शामिल हैं। अब प्रतिभा दुबे के यहाँ संलग्न होने के बाद इस छोटे कॉलेज में शिक्षकों की संख्या और बढ़ गई है, जबकि दूसरी ओर बड़ा कॉलेज शिक्षकविहीन हो रहा है।

विधायक से मिले छात्र, सौंपा ज्ञापन

राघौगढ़ डिग्री कॉलेज के शिक्षक के अचानक तबादले या अटैचमेंट से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कड़ा रुख अपनाया है। कॉलेज के चालीस से अधिक विद्यार्थियों ने एकजुट होकर स्थानीय विधायक जयवर्धन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने कॉलेज की बिगड़ती शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया और एक ज्ञापन भी सौंपा।

विद्यार्थियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इतिहास विषय पढ़ाने वाले शिक्षक के न होने से उनके पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि राघौगढ़ कॉलेज में इतिहास के शिक्षक की यथाशीघ्र पुनः पदस्थापना की जाए।

नियमित पढ़ाई और परीक्षाओं की चिंता

छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते कॉलेज में शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई, तो आगामी परीक्षाओं की तैयारी करना बेहद कठिन हो जाएगा। नियमित कक्षाएं न चलने से उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। विद्यार्थियों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप कर अटैचमेंट आदेश निरस्त करने की गुहार लगाई है ताकि नौ सौ छात्र-छात्राओं का भविष्य बचाया जा सके।