पट्टे के बावजूद जमीन से वंचित हैं आदिवासी
गुना जिले के बमोरी इलाके के गरीब सहरिया आदिवासियों की बुनियादी और गंभीर समस्याओं को लेकर अब राजभवन भोपाल का रुख किया गया है। स्थानीय आदिवासियों के सामने मुख्य परेशानी यह है कि उन्हें भू-दान के तहत पट्टे तो मिल चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती या अन्य कारणों से उन्हें आज तक मौके पर जमीन का आधिपत्य प्राप्त नहीं हो सका है।
भ्रमण के दौरान सौंपा गया ज्ञापन
इस पूरे मामले को लेकर विधि विशेषज्ञ जनजातीय प्रकोष्ठ के भंगू सिंह और राकेश सहरिया को एक आवेदन पत्र सौंपा गया है। यह प्रक्रिया तब पूरी हुई जब वे श्योपुर जिले का दौरा करने के बाद बमोरी क्षेत्र के रास्ते भोपाल जा रहे थे। रास्ते में ग्राम भौंरा के समीप सामाजिक कार्यकर्ता सूरज सहरिया ने बमोरी क्षेत्र के सहरिया आदिवासियों की इन समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राजभवन भोपाल के नाम ज्ञापन तैयार किया गया, ताकि महामहिम राज्यपाल तक आदिवासियों की यह पीड़ा पहुंचाई जा सके।
अक्टूबर में राज्यपाल के समक्ष होगी बैठक
ज्ञापन स्वीकार करने वाले प्रतिनिधियों भंगू सिंह और राकेश सहरिया ने स्पष्ट किया कि इस आवेदन को सीधे राज्यपाल तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि आगामी अक्टूबर माह में ग्वालियर-चंबल संभाग के गुना, शिवपुरी, अशोकनगर और श्योपुर जिलों के सहरिया आदिवासियों के प्रतिनिधिमंडल की एक विशेष बैठक माननीय राज्यपाल के समक्ष आयोजित कराई जाएगी।
इस महत्वपूर्ण ज्ञापन को सौंपे जाने के दौरान क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी प्रतिनिधि कालूराम सहरिया और रामचारण सहरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!