अंचल में ट्रेन के सफर के दौरान यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। भोपाल से ग्वालियर का सफर कर रही एक महिला का सोने-चांदी के जेवर, नकदी और कपड़ों से भरा ट्रॉली बैग संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी हो गया। यह घटना तब सामने आई जब ट्रेन गुना रेलवे स्टेशन के आसपास से गुजर रही थी।
सीट के नीचे रखा था सामान
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल के बाग सेवनिया मार्केट स्थित राधे कृष्ण टावर मल्टी निवासी अलका जाट (33) पत्नी नवित जाट अपने भाई श्यामवीर जाट के साथ बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 11085) के कोच एस-1 में सीट नंबर 56 पर सफर कर रही थीं। फरियादिया ने बताया कि जब ट्रेन बीना स्टेशन पहुंची थी, तब उन्होंने अपनी सीट के नीचे रखा हरे रंग का सफारी कंपनी का छोटा ट्रॉली बैग चेक किया था, जो वहीं रखा हुआ था। इसके बाद जब ट्रेन गुना स्टेशन पहुंची और उन्होंने दोबारा देखा, तो बैग गायब मिला।
कोच और आसपास के क्षेत्रों में काफी तलाश करने के बाद भी जब बैग का कुछ पता नहीं चला, तो घटना की सूचना इंदौर रेल कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद जीआरपी शिवपुरी ने मौके पर पहुंचकर बयान दर्ज किए। चोरी गए बैग में 11.5 ग्राम की सोने की चेन, तीन सोने की अंगूठियां (वजन करीब एक तोला), 140 ग्राम वजनी चांदी की दो जोड़ी पायल, साढ़े चौदह हजार रुपए नकद और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।
दूसरे यात्री का मोबाइल और पर्स भी ले उड़े चोर
इसी रूट पर सफर कर रहे एक अन्य यात्री को भी चोरों ने अपना शिकार बनाया। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के लोक नगर निवासी प्रसून कुमार (30) अपने परिवार के साथ हुबली-प्रयागराज समर स्पेशल (ट्रेन क्रमांक 04114) के कोच एस-8 में भोपाल से गोविंदपुरी जा रहे थे। बीना स्टेशन पार होने के बाद जब परिवार के लोग सो रहे थे और ट्रेन गुना स्टेशन पर रुकी, तब यात्री की नींद खुली।
यात्री ने देखा कि उनकी सीट पर रखा मामी का लेडीज पर्स गायब है। उस पर्स में करीब पंद्रह हजार रुपए कीमत का मोबाइल फोन और दो हजार रुपए नकद रखे हुए थे। इन दोनों ही मामलों में जीआरपी शिवपुरी द्वारा शून्य पर कायमी करने के बाद डायरी असल विवेचना के लिए जीआरपी थाना गुना को भेज दी गई है, जहां पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!