गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झाझौन गांव के जंगल में एक बार फिर वनकर्मियों पर हमले की घटना सामने आई है। यहां अवैध लकड़ी कटाई पर रोक लगाने के लिए औचक निरीक्षण पर गई वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध और हिंसा का सामना करना पड़ा।
गश्त के दौरान हुआ तस्करों से आमना-सामना
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, किर्रया (ब) बीट में पदस्थ वनरक्षक प्रमोद कुमार गौर अपने साथियों परिक्षेत्र सहायक लक्ष्मण सिंह कुशवाह और बीट गार्ड विनोद कुमार यादव के साथ नियमित गश्त के सिलसिले में जंगल में मौजूद थे। मंगलवार की रात जब यह दल झाझौन के जंगल से भैंसवाला मार्ग की ओर गुजर रहा था, तब उन्हें कुछ संदिग्ध लोग आते दिखाई दिए।
दल के सदस्यों ने देखा कि तीन व्यक्ति अपने कंधों पर लकड़ी लादे हुए थे और उनके हाथों में कुल्हाड़ियां भी थीं। वनकर्मियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें रोक लिया और उनकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी।
पूछताछ के दौरान बढ़ गया विवाद
वन विभाग की पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने अपनी पहचान कल्याण सिंह अहिरवार, विजय अहिरवार और रघुनाथ अहिरवार के रूप में दी, जो सभी झाझौन गांव के ही रहने वाले हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आरोपी कल्याण अहिरवार ने फोन करके अपने बेटे सुनील को भी घटनास्थल पर बुला लिया।
मौके पर पहुंचते ही सुनील ने वनरक्षक के साथ गाली-गलौज और बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने वनरक्षक के सिर पर लाठी से वार कर दिया। हमले से बचाव करने की कोशिश में वनरक्षक के दाहिने हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आईं।
जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए आरोपी
हमले के बाद चारों आरोपियों ने मिलकर वहां मौजूद अन्य वन कर्मचारियों को भी अश्लील गालियां दीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वे दोबारा कभी जंगल में नजर आए तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा, और इसके बाद वे सभी वहां से भाग निकले।
घटना के फौरन बाद पीड़ित वनरक्षक ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। आरोन पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कल्याण सिंह अहिरवार, विजय अहिरवार, रघुनाथ अहिरवार और सुनील अहिरवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!