गुना शहर के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जगह-जगह लाइटें बंद पड़ी हैं और तकनीकी खराबी आने के बाद भी उनकी समय पर मरम्मत नहीं की जा रही है, जिससे आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लाखों के भुगतान के बाद भी अनदेखी
नगर पालिका परिषद गुना की तरफ से शहर में स्ट्रीट लाइटों को चालू-बंद करने, उनके रखरखाव और फाल्ट सुधारने के कार्यों के एवज में हर महीने करीब 1.91 लाख रुपए का भुगतान किया जाता है। इसके बावजूद बिजली कंपनी द्वारा इस व्यवस्था को लेकर गंभीर रुख नहीं अपनाया जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि रखरखाव की जिम्मेदारी बिजली कंपनी की है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका द्वारा प्रतिदिन की शिकायतें और फाल्ट की जानकारियां संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा की जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी उनका समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है।
मुक्तिधाम तक में छाया रहा अंधेरा
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिनों कैंट मुक्तिधाम और बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम जैसे संवेदनशील स्थलों पर भी अंधेरे के बीच अंत्येष्टि करने के मामले सामने आए। इन स्थानों पर खराबी की सूचना पहले ही दी जा चुकी थी, फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।
रात के समय फ्यूज उड़ने या फेस में फाल्ट आने जैसी समस्याओं को भी तत्काल दुरुस्त नहीं किया जाता है। नगरपालिका के सीएमओ कार्यालय द्वारा पत्र लिखकर और अन्य माध्यमों से लगातार समस्याएं उठाई गई हैं, जिनमें कैंट मातापुरा की मरघटशाला की फाल्ट लाइन भी शामिल है।
सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी
इस लचर व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता से जनता के बीच नगरपालिका की छवि पर भी असर पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के अनसुने होने के बाद अब स्थानीय प्रशासन कड़े रुख में आ गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने बिजली कंपनी को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह से दुरुस्त नहीं किया गया, तो सभी पार्षद और वे खुद मिलकर इसके खिलाफ कड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!