गुना शहर में अनंत चतुर्दशी का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नागरिकों ने गणपति बप्पा को अश्रुपूर्ण नेत्रों और अगले बरस जल्दी आने की कामना के साथ विदाई दी। इस अवसर पर शहर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कैंट इलाके से निकला भव्य चल समारोह

मुख्य आयोजन कैंट इलाके में संपन्न हुआ, जिसकी शुरुआत शाम 8 बजे से भव्य झांकियों और विमानों के चल समारोह के साथ हुई। कैंट, ऊपरी बाजार और गुलाबगंज जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं, जिन्हें देखने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कलाकारों ने दी जीवंत प्रस्तुतियां

चल समारोह के दौरान सजी झांकियों में कलाकारों ने अपनी कला से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गर्ल्स स्कूल के पास बनाई गई झांकी में फिल्म 'बाहुबली' का दृश्य जीवंत किया गया, जबकि ऊपरी बाजार की झांकी में कलाकारों ने पौराणिक समुद्र मंथन का मंचन किया। इसके अलावा आयकर भवन के समीप रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियां दी गईं।

उत्सव के दौरान पारंपरिक अखाड़ों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने साहसिक करतब दिखाए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली झांकियों और अखाड़ों को सम्मानित किया गया।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम और सिंगवासा तालाब में विसर्जन

इस बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और समितियों ने पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थीं। आयोजन समिति के अध्यक्ष बारेलाल धाकड़ के नेतृत्व में व्यवस्थाएं संभाली गईं, और नगरपालिका अध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता ने भी पूर्व में तैयारियों का जायजा लिया था। कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में लगभग 200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।

शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए यह चल समारोह सिंगवासा तालाब पहुंचा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।